जोगी कांग्रेस ने की धान सत्याग्रह की शुरुआत, रेणु जोगी बोलीं - कांग्रेस ने किया किसानों संग छलावा

- उपचुनाव के बाद जोगी कांग्रेस का पहला सियासी कार्यक्रम
- सत्याग्रह के लिए तीन सत्र का निर्धारण किया गया है

By: Ashish Gupta

Published: 23 Nov 2020, 09:06 PM IST

बिलासपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (Janta Congress Chhattisgarh) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. रेणु जोगी की अगुवाई में धान सत्याग्रह की शुरुआत हो गई है। मरवाही सदन में प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी में दिग्गज नेता अपनी बात रख रहे हैं। सत्याग्रह की शुरुआत जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. रेणु जोगी ने स्व. अजीत जोगी के चित्र पर माल्यार्पण कर की। जिले के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी को पहले ही अनिवार्य कर दिया गया था। मरवाही विधानसभा उपचुनाव के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का यह पहला सियासी कार्यक्रम है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर, रायपुर में 39 दिन बाद मिले 300 से अधिक संक्रमित

सत्याग्रह के लिए तीन सत्र का निर्धारण किया गया है। तीसरे और अंतिम सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव के अलावा धान खरीदी केंद्र में होने वाली परेशानी को दूर करने और उनको मदद पहुंचाने संबंधी महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। सत्याग्रह के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) ने बिलासपुर लोकसभा अंतर्गत कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।

इसका मुख्य उद्देश्य एक दिसंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी में किसानों के धन, धान और सम्मान की रक्षा करने का संकल्प लेते हुए धान सत्याग्रह किया जाना है। सत्याग्रह में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रेणु जोगी, प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी, विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह सहित प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रहेगी। सत्याग्रह तीन सत्र में होगा। अंतिम सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा।

CM भूपेश ने PM मोदी के साथ होने वाली बैठक से पहले कोरोना पैकेज और GST राशि का मुद्दा उछाला

मरवाही विधानसभा उपचुनाव के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का यह पहला सियासी कार्यक्रम है । शहर अध्यक्ष विश्वंभर गुलहरे ने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किसानों ने धान की मिसाई शुरू कर दी है। रखने की जगह नहीं है। राज्य सरकार ने एक दिसंबर से धान खरीदने का निर्णय लिया है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बीते वर्ष का पूर्ण भुगतान भी अभी तक किसानों को नहीं किया गया है। यह अन्नदाता किसानों के साथ धोखा है।

Show More
Ashish Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned