जोगी के गढ़ मरवाही को ढहाने भाजपा और कांग्रेस लगा रहे जोर

जोगी के गढ़ मरवाही को ढहाने भाजपा और कांग्रेस लगा रहे जोर

Amil Shrivas | Publish: Sep, 10 2018 05:46:47 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बाद अब उनके पुत्र अमित जोगी विधायक हैं।

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद से मरवाही विधासभा क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है। यहां से राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बाद अब उनके पुत्र अमित जोगी विधायक हैं। अलग पार्टी (जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़) बनाने के बाद इस आदिवासी बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र से पिता या पुत्र में से एक के चुनाव मैदान में उतरने की खबर है। वहीं कांग्रेस से पूर्व जज समेत 17 लोग दावेदारी कर रहे हैं। भाजपा से पिछले चुनाव में यहां से प्रत्याशी रहीं समीरा पैकरा और पूर्व विधायक समेत करीब आधा दर्जन दावेदार हैं।
परंपरागत सीट को बचाने कांग्रेस लगा रही जोर : राज्य गठन के बाद यहां से कांगे्रस का ही प्रतिनिधित्व रहा है, इसलिए कांग्रेस भी अपनी परंपरागत विधानसभा सीट को बचाने के लिए जोर आजमाइश कर रही है। कांग्रेस को इस सीट के लिए जिताऊ उम्मीदवार की तलाश है, जो जनता के बीच लोकप्रिय हो। इधर मरवाही विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लडऩे के लिए पूर्व न्यायधीश प्रमोद परस्ते, हर्राटोला के पूर्व सरपंच गुलाब सिंह राज और पेंड्रा जनपद के सरपंच संघ के अध्यक्ष अजीत सिंह श्याम समेत 17 दावेदारों ने ब्लॉक कमेटी के माध्यम से फॉर्म लेकर अपनी दावेदारी ठोंक रखी है।

मरवाही का गढ़ ढहाने भाजपा तैयार : लगातार यहां से तीन बार पराजय का सामना कर चुकी भारतीय जनता पार्टी को यहां से मजबूत दावेदार की तलाश है। भाजपा से इस बार भी पिछले चुनाव में पराजय का सामना कर चुकी जिला पंचायत सदस्य समीरा पैकरा दावेदारी कर रही हैं। उनके अलावा यहां भाजपा से पूर्व विधायक पहलवान सिंह मरावी, मध्यप्रदेश शासन काल में आदिवासी नेतृत्व व मजबूत छवि वाले पूर्व मंत्री भंवर सिंह पोर्ते के दामाद शंकर कंवर जिला पंचायत सदस्य, मरवाही ब्लॉक के सरपंच संघ के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह नरहेल और हर्राटोला के पूर्व सरपंच गुलाब सिंह समेत करीब आधा दर्जन दावेदार चुनाव लडऩे के लिए तैयार हैं।
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस : मरवाही विधानसभा से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के परिवार की प्रतिष्ठा जुड़ी है। वे यहां से विधायक रहे और उनके बाद उनके पुत्र अमित जोगी यहां से कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा पहुंचे। लेकिन अब पिता-पुत्र ने अपनी अलग पार्टी बना ली है। पूर्व अजीत जोगी और उनके विधायक पुत्र अमित जोगी का मरवाही क्षेत्र की जनता से सीधा जुड़ाव है। पिता के बाद विधायक अमित लगातार क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते आ रहे हैं, लेकिन अलग पार्टी बनाने के बाद उनके ज्यादातर समर्थक उनसे टूट गए हैं। बताया जाता है कि यहां से इस बार अजीत जोगी या उनके वर्तमान विधायक पुत्र अमित जोगी चुनाव लड़ सकते हैं।

जनता जिताएगी : केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों के कारण लोगों के जीवन स्तर में बदलाव आया है, जिसे जनता महसूस कर रही है इस उपलब्धि और कार्यकर्ताओं के परिश्रम से इस बार मरवाही जीतेंगे यही रणनीति है।
रजनीश सिंह,जिलाध्यक्ष भाजपा
रामदयाल उइके पुन: लड़ सकते हैं चुनाव : कांग्रेस उन सभी सीटों पर गंभीरता से विचार कर रही है जहंा से जोगी या उनके साथ गए विधायक प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जहां तक मरवाही का सवाल है पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत यहां देख रहे हैं, संभावना है कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से समझौता हुआ तो पूर्व विधायक रामदयाल उइके यहां से पुन: चुनाव लड़ सकते हैं।
अभय नारायण राय, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस

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