सिर्फ 28 मिनट के इलाज का बिल 40 हजार, मरीज की मौत

- भिलाई के एक निजी हॉस्पिटल में दाखिल मरीज का दो दिन का बिल करीब 50 हजार पहुंच गया है।

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 07 Sep 2020, 05:58 PM IST

बिलासपुर. महादेव हॉस्पिटल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में रविवार को कोरोना पीड़ित मरीज की भर्ती होने के बाद सिर्फ 28 मिनट में मौत हो गई। अस्पताल ने इन 28 मिनटों के इलाज का 40 हजार रुपए का बिल बना दिया। रविवार सुबह रमतला निवासी 54 वर्षीय एक कोरोना संक्रमित मेल पेशेंट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस बात की भाजपा के पूर्व पार्षद बबलू पमनानी ने एसडीएम से शिकायत की। इस संबंध में एसडीएम ने कहा जांच कराई जाएगी, जबकि अस्पताल प्रबंधन 28 मिनट के 40 हजार को उचित ठहरा रहा है। इस अस्पताल कोविड महामारी के शुरुआती दौर में कोरोना इलाज के लिए आरक्षित कर लिया गया था।

सुबह मरीज को लाया गया था, हमने तत्काल इलाज शुरू किया। जो खर्च इस इलाज में आया वही लिया गया, कोई एक्स्ट्रा नहीं।
- डॉ. आशुतोष तिवारी, डायरेक्टर, महादेव हॉस्पिटल, बिलासपुर

कुछ लोगों ने मामले की शिकायत की है। मामले की जांच कराई जाएगी।
- देवेंद्र पटेल, एसडीएम, बिलासपुर

दो दिन का बिल बनाया 50 हजार
भिलाई के एक निजी हॉस्पिटल में दाखिल मरीज का दो दिन का बिल करीब 50 हजार पहुंच गया है। मरीज के परिजनों ने बताया कि हॉस्पिटल प्रबंधन ने आईसीयू में दाखिल मरीज के एक दिन का बेड चार्ज 10 हजार तय किया है। पहले दिन ही करीब 20 हजार की दवा एक साथ मंगवा ली गई। हॉस्पिटल के भीतर ही दवा दुकान है। इसके अलावा जितनी जांच हो रही है, उनका चार्ज अलग है। परिजनों ने पहले 10 हजार रुपए जमा करवाया था, अब फिर से उन्हें 24 हजार जमा करने के लिए कहा जा रहा है। परिजनों का कहना है कि अगर 10 दिन भर्ती रखते हैं तो इस हिसाब से 3 लाख रुपए का बिल बन जाएगा। प्राइवेट नौकरी करते हैं, इतना पैसा कहां से लाएंगे। वहीं खुर्सीपार के निजी अस्पताल में जामुल के २१ साल के युवक को शुक्रवार को भर्ती कराया गया। शनिवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। मरीज इस हॉस्पिटल में करीब 30 घंटे भी नहीं रहा और आईसीयू में दाखिल होने की वजह से दवा के साथ उसका कुल बिल 80 हजार थमा दिया गया।

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