हफ़्ते में 4 हजार रुपये कहाँ से लाए गरीब, घोषणा किए बीता जा रहा साल अभी तक नहीं आई डायलिसिस मशीन

हफ़्ते में 4 हजार रुपये कहाँ से लाए गरीब, घोषणा किए बीता जा रहा साल अभी तक नहीं आई डायलिसिस मशीन

Murari Soni | Updated: 01 Jun 2019, 08:32:27 PM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

मशीन के अभाव में बढ़ रही मरीजों की वेटिंग, प्राइवेट में डायलिसिस कराने मजबूर गरीब

बिलासपुर. जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए करीब 4 माह पहले कलेक्टर ने नई डायलिसिस मशीन लगाने की घोषणा की थी। महिनों बीत गए लेकिन अभी तक मशीन नहीं आई। उधर डायलिसिस मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पताल में जो 2 मशीनें हैं उसमें प्रतिदिन 4 से 5 मरीजों की वेटिंग है। वेटिंग के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों में हजारों रुपए खर्च कर डायलिसिस कराना पड़ रहा है।

दो मशीनों से गिने चुने मरीजों का होता है इलाज:
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 7 से 8 मरीज नि:शुल्क डायलिसिस के लिए पहुंचते हैं। यहां मौजूद दो डायलिसिस मशीनों से सिर्फ आधे मरीजों का ही डायलिसिस हो पाता है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में करीब 2 हजार रुपए खर्च करके डायलिसिस कराने मजबूर होना पड़ता है। जिला अस्पताल में डायलिसिस की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।

चुनाव के बाद ठंडे बस्ते में चला गया मामला:
तात्कालीन कलेक्टर पी दयानंद ने कुछ माह पहले मरीजों की ये बड़ी समस्या भांप ली थी और अस्पताल में एक और नई डायलिसिस मशीन लगाने के निर्देश दिए थे और जल्द से जल्द मशीन लगाई जाने का आश्वासन दिया गया था। अस्पताल के अधिकारियों की माने तो घोषणा के बाद पहले विधानसभा चुनाव फिर लोकसभा चुनाव शुरु हो गए। इससे यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया।

प्रति सप्ताह 4 हजार रुपए कहां से जुटाएगा गरीब:
सरकारी जिला अस्पताल की दो और सिम्स की 3 से 4 डायलिसिस मशीनों में वेटिंग है। इसके चलते निजी अस्पतालों में मरीजों को मोटी रकम चुकानी पड़ती है। कुछ मरीजों को सप्ताह में 2 दिन डायलिसिस की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में उसे प्रतिसप्ताह 4 से 5 हजार रुपाए जुटाने पड़ते हैं।

एसी खराब तो पंखे की हवा में डायलिसिस:
जिला अस्पताल के डायलिसिस कक्ष में विगत एक माह से एससी खराब हो गया है। यहां गर्म लपटों के बीच पंखे की हवा में मरीजों को डायलिसिस कराना पड़ रहा है।

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