पत्रिका इम्पैक्ट: लोकल इंटेलिजेंस ब्यूरो ने अधीक्षक का लिया बयान, के बीईओ के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप

विदित हो कि पिछले डेढ़ साल से तीन अधीक्षक व्याख्याता पंचायत व वर्तमान में गौरेला बीईओ गिरीशचंद्र लहरे पर प्रताडऩा का आरोप लगाकर अधिकारियों से शिकायत की गईं, लेकिन जिले के अधिकारियों ने शिकायतों पर अब तक कोई पहल नहीं की है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 23 Aug 2020, 01:51 PM IST

बिलासपुर. गौरेला के बीईओ के खिलाफ शिकायत मामले की खबर पत्रिका में छपने के बाद गौरेला में लोकल इंटेलिजेंस ब्यूरो के लोग आश्रम अधीक्षक एटी सिंह के पास पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। विदित हो कि पिछले डेढ़ साल से तीन अधीक्षक व्याख्याता पंचायत व वर्तमान में गौरेला बीईओ गिरीशचंद्र लहरे पर प्रताडऩा का आरोप लगाकर अधिकारियों से शिकायत की गईं, लेकिन जिले के अधिकारियों ने शिकायतों पर अब तक कोई पहल नहीं की है।

विदित हो कि जांच टीम ने जांच के बाद निलंबित व बर्खास्त करने की अनुशंसा की है, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। प्राचार्य की एक जांच समिति ने फिर से रिपोर्ट जमा की है। यह रिपोर्ट डीईओ के माध्यम से कलेक्टर डोमन सिंह को सौंप दी गई है। अब इस मामले में कलेक्टर के अंतिम निर्णय का इंतजार है।

शिकायत और जांच

गौरेला के बीईओ व व्याख्याता पंचायत लहरे पर आश्रम के अधीक्षक अवैध वसूली की शिकायतें कर चुके हैं। मध्यान्ह भोजन में गड़बड़ी के प्रमाण जांच में साबित हो चुके हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पकरिया में पदस्थापना के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने से बोर्ड परीक्षा में 65 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हो गए। अभिभावकों ने इसकी शिकायत की थी। जांच में मामला सही पाया गया।

कई महीने तक विद्यालय से अनुपस्थिति रहने के बाद पूरा वेतन आहरण किया गया। यह भी जांच में साबित हो गया है। गौरेला के तात्कालीन परियोजना प्रशासक, व्याख्याता पंचायत को बिना काम के वेतन की राशि वसूली करने व नौकरी से बर्खास्त करने की अनुशंसा कर चुके हैं। अविभाजित जिले के तत्कालीन डीईओ भी संचालक शिक्षा को निलंबित करने की अनुशंसा कर चुके हैं।

फिर एक जांच

ढेरों शिकायतों के बावजूद अधीक्षकों की प्रताडऩा की शिकायतों पर प्राचार्यों की एक समिति ने जांच की है। इस समिति ने जांच रिपोर्ट डीईओ को सौंप दी है। डीईओ एसएन साहू ने रिपोर्ट कलेक्टर डोमन सिंह को सौंप दी है। अब गौरेला,पेंड्रा,मरवाही के कलेक्टर डोमन सिंह पूर्व व वर्तमान जांच रिपोर्ट पर कैसे फैसला लेते हैं, इस निर्णय का इंतजार है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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