भगवान राम के ननिहाल से शुरू होगी ट्रेन, नाम होगा रामायण एक्सप्रेस

भगवान राम के ननिहाल से शुरू होगी ट्रेन, नाम होगा रामायण एक्सप्रेस
भगवान राम के ननिहाल से शुरू होगी ट्रेन, नाम होगा रामायण एक्सप्रेस

Murari Soni | Updated: 13 Sep 2019, 11:20:20 AM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

Lord rama: आईआरसीटीसी(IRCTC) एसईसीआर(SECR) के साथ मिलकर रामायण एक्सप्रेस को चलाने बोर्ड को भेजा प्रपोजल

बिलासपुर. टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी(irctc ramayana express route) कई योजना पर काम कर रहा है। इन्ही योजना में से एक है रामायण एक्सप्रेस। आईआरसीटीसी(IRCTC) एसईसीआर(SECR)के साथ मिलकर रामायण एक्सप्रेस को चलाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए रेलवे बोर्ड को प्रपोजल बनाकर भेजा जा चुका है अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही बिलासपुर रेल मंडल(chhattisgarh railway time table) से भी 12 कोच की रामायण एक्सप्रेस आरंभ हो जाएगी। जिसमें यात्रियों को भगवान राम(Lord rama) के सम्पूर्ण चरित्र का वर्णन चित्रों व श्लोकों के माध्यम से किया जाएगा।
दक्षिण कौशल राज्य को भगवान राम का ननिहाल कहा जाता है। दक्षिण कौशल को ही भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मस्थली माना जाता है। 14 वर्षो के वन प्रस्थान के दौरान भी छत्तीसगढ़ में भगवान राम के 12 वर्ष तक निवास करने का जिक्र रामायण में मिलता है। यहां तक की सीता हरण के बाद जब भगवान राम उन्हें खोजते हुए लंका जा रहे थे इस दौरान भी शिवरीनारायण में रुके थे जहां उन्होंने माता शबरी के जूठे बेर खाए थे। इसका भी जिक्र रामायण में मिलता है। शिवरी नारायण में माता शबरी का मंदिर भी स्थापित है। यहां तक की रामनामी समुदाय जिनके पूरे शरीर पर राम नाम लिखा हुआ है यह भी केवल छत्तीसगढ़ में ही पाए जाते है। राम नाम से जुडी अनेकों दंत कथाओं को देखते हुए आईआरसीसीटी छत्तीसगढ़ में टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अन्य जोन की तरह ही एसईसीआर भी रामायण एक्सप्रेस चलाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। बिलासपुर आईआरसीटीसी ने रामायण एक्सप्रेस का प्रपोजल बनाकर बोर्ड को भेजा है।

झारसुगुड़ा से चल सकती है ट्रेन
आईआरसीटीसी की रामायण एक्सप्रेस झारसुगुड़ा से चलाई जा सकती है। यह ट्रेन झारसुगुड़ा से रायगढ़ होते हुए अकलतरा पहुंचेगी जहां स्टापेज होगा और यहां से शिवरीनारायण में श्रृद्धालुओं को दर्शन करवाया जाएगा। ट्रेन बिलासपुर होते हुए भगवान राम से जुड़े अन्य स्थलों के लिए रवाना होगी।

टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाने वाला छत्तीसगढ़ टूरिज्म के मामले में काफी समृद्ध है। यहां की पर्वत मालाओं में भगवान राम से जुडी कई दंत कथाओं वालमिकी रामायण में भी जिक्र है। रामायण एक्सप्रेस चलने से छत्तीसगढ़ के टूरिज्म को काफी बढ़ावा मिलेगा।

रामायण एक्सप्रेस में होगें 12 कोच
एसईसीआर से चलने वाली रामायण एक्सप्रेस में 12 कोच व जनरेटर कार कुल 15 कोच शामिल हैं। सस्ते दर पर श्रृद्धालुओं को राम से जुड़ी जगहों पर घुमाया जा सके इसके लिए आईआरसीटीसी ने सभी कोच स्लीपर क्लास के रखने का निर्णय लिया है। रामायण एक्सप्रेस में 864 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी।

रामायण एक्सप्रेस चलाने की दिशा में काम चल रहा है। रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव बना कर भेजा गया है। जल्द ही ट्रेन चलने लगेगी।
राजेन्द्र बोर्बन, एरिया मैनेजर आईआरसीटीसी बिलासपुर

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