शोभायात्रा व सामूहिक क्षमा याचना के साथ महापर्व सम्पन्न

शोभायात्रा व सामूहिक क्षमा याचना के साथ महापर्व सम्पन्न

Anil Kumar Srivas | Publish: Sep, 16 2018 12:54:00 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 12:54:01 PM (IST) Mungeli, Chhattisgarh, India

जैन समाज का आयोजन: पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के समापन अवसर पर सामूहिक क्षमायाचना कार्यक्रम आयोजित

मुंगेली. स्थानीय जैन मंदिर में शनिवार को पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के समापन अवसर पर अक्षयनिधि, विजय कशाय, समवषरण, मोक्ष तप आदि तपस्या के अनुमोदनार्थ भव्य शोभायात्रा का आयोजन एवं सामूहिक क्षमायाचना कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विदुषी जैन महत्तरा पद विभूषिता मनोहर श्री की शिष्या प्रवर्तिनी कीर्तिप्रभा की शिष्याएं दर्षनप्रभा श्री, ज्ञानप्रभा श्री व चारित्रप्रभा श्री की पावन निश्रा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं शोभायात्रा निकाली गई। सबसे अंत में भगवान महावीर की आकर्षक झांकी सजाई गई। वहीं अतिरिक्त प्रोजेक्टर के माध्यम से कार्यक्रमों की झांकी प्रस्तुत की गई। शोभायात्रा सदर बाजार जैन मंदिर से प्रारंभ होकर, भगवान महावीर स्वामी चौक गोल बाजार, परमेश्वरी चौक, भगवान परशुराम चौक पुराना बस स्टैंड होते हुए पुन: जैन मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई। यहां गुरुवर्याश्री के द्वारा मंगलाचरण के साथ ही सामूहिक क्षमा याचना एवं तपस्वी अभिनंदन समारोह प्रारंभ हुआ। समारोह को जैन समाज के अध्यक्ष अनोपचंद बैद, पन्नालाल कोटडिय़ा, दुर्ग जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद कोठारी, पंडरिया जैन समाज के हरीश लोढा, नपा परिषद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जैन, धीरज पारख, पारस चौरडिय़ा, संदीप लूनिया, प्रसन्न चोपड़ा, कुशल लूनिया, अरिहंत कोठारी, सिद्धार्थ बैद, महेन्द्र पारख, संगीता कोटडिय़ा, राधेलाल लोढ़ा दुर्ग व श्रेयांस गोलछा ने संबोधित करते हुए क्षमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपनी गल्तियों के लिए क्षमायाचना की। साध्वी रत्ना श्री दर्षनप्रभा श्रीजी म.सा. ने कहा कि यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्होंने सभी से चातुर्मास के शेष दिनों में साधना आराधना से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। साध्वी ज्ञानप्रभाश्री जी म.सा. ने कविता के माध्यम से क्षमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समय का बेहतरीन उपयोग करने की प्रेरणा दी। साध्वी चारित्रप्रभा श्री जी म.सा. ने तप और क्षमापना का जैन धर्म में महत्व को समझाया। दुर्ग से श्रीसंघ लेकर आए पन्नालाल व ज्ञानचंद कोठारी का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जैन समाज द्वारा 11 उपवास के तपस्वी नितेश कोटडिय़ा, 9 उपवास के तपस्वी अन्नू छाजेड़ सहित सभी तपस्वियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन नवरतन जैन ने किया। इस अवसर पर रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, भिलाई, कवर्धा, पंडरिया, नवागढ आदि स्थानों से श्रद्धालुगण का आगमन हुआ। कार्यक्रम के पश्चात स्वधर्मी वात्सल्य का आयोजन किया गया जिसका लाभ अनोपचंद देवराज बैद परिवार ने प्राप्त किया।

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