नए वर्ष का आयोजन रात 12.30 बजे तक होगा, डीजे बजाने, पटाखे फोड़ने पर पाबंदी

आयोजन स्थल में सीसीटीवी कैमरा लगाना जरूरी है और अधिकतम दो सौ लोग शामिल हो सकेंगे। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. सारांश मित्तर ने 31 दिसम्बर को नववर्ष स्वागत कार्यक्रम एवं जिले में आगामी दिनों में आने वाले त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए सोमवार को गाइड लाइन जारी किया गया है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 29 Dec 2020, 02:55 PM IST

बिलासपुर. कोरोना काल में नए वर्ष मनाने के लिए जिला प्रशासन ने 31 दिसंबर को रात्रि 12.30 बजे तक अनुमति दी है। इस दौरान सभा, जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे। डीजे और पटाखे फोडऩे पर प्रतिबंध रहेगा। आयोजन स्थल में सीसीटीवी कैमरा लगाना जरूरी है और अधिकतम दो सौ लोग शामिल हो सकेंगे। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. सारांश मित्तर ने 31 दिसम्बर को नववर्ष स्वागत कार्यक्रम एवं जिले में आगामी दिनों में आने वाले त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए सोमवार को गाइड लाइन जारी किया गया है।

इनका पालन जरूरी

कोई भी कार्यक्रम का आयोजन खुले एवं सार्वजनिक स्थान में होगा। कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार के जुलूस, सभा रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाए। कार्यक्रम स्थल की क्षमता 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 200 व्यक्ति ही सम्मिलित हो सकेंगे।

कार्यक्रम स्थल में प्रवेश द्वार एवं निकासी द्वार पृथक-पृथक हो यह सुनिश्चित किया जाए एवं प्रवेश व निकासी द्वार टच फ्री मोड में हो। श्वसन शिष्टाचार का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम में उपस्थित व्यक्ति खांसते- छींकते समय टीशु पेपर, रूमाल, मुड़ी हुई कोहनी का अनिवार्यत: उपयोग करेंगे। कार्यक्रम के आयोजक यह सुनिश्चित करेंगे कि उपयोग में लाए सामग्री का ठीक से निपटारा किया जाए ।

कैमरा व वीडियोग्राफी आवश्यक

आयोजन परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाया जावे तथा वीडियोग्राफी कराया जाए ताकि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। कार्यक्रम का आयोजन रात्रि 12:30 बजे तक समाप्त किया जाए । बिना अनुमति के कार्यक्रम का आयोजन न किया जाए। छोटे बच्चों एवं अधिक उम्र के बुजर्ग व्यक्तियों को आयोजन में शामिल न किया जाए ।

हरित पटाखे के लिए 35 मिनट

छत्तीसगढ़ शासन के आदेश के अनुक्रम में रात्रि 11:55 बजे से 12:30 बजे तक हरित पटाखों का उपयोग किया जा सकेगा। प्रत्येक कार्यक्रम आयोजक समय पूर्व सोशल मीडिया में यह जानकारी देवें कि कोविड 19 के कारण कार्यक्रम वृहद रूप से आयोजित नहीं किया जाएगा जिससे लोगों की भीड़ न हो। आयोजन के दौरान किसी प्रकार की मंच पंडाल न लगाया जाए। आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं समय-समय पर सेनेटाइजर का अनिवार्य उपयोग किया जाए।

डीजे की अनुमति नहीं

डीजे बजने की अनुमति नहीं होगी। दो छोटे साउण्ड बाक्स का उपयोग किया जाए। कोलाहाल अधिनियम का पालन किया जाये। कार्यक्रम स्थल पर सेनेटाइजर, थर्मल, स्क्रीनिंग, आक्सीमीटर, हैण्डवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई में सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश नही देने की जिम्मेदारी आयोजनकर्ता की होगी।

पान,गुटखा प्रतिबंधित

कार्यक्रम स्थलों पर पान, गुटखा, तम्बाकू इत्यादि उपयोग कर सार्वजनिक स्थान में थूकना प्रतिबंधित है। कार्यक्रम के दौरान अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। आयोजन के दौरान यातायात नियमों का पालन किया जाये। किसी प्रकार के यातायात बाधित न हो यह सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम स्थल पर किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन न किया जाए।

रजिस्टर रखना आवश्यक

आयोजन स्थल पर एक रजिस्टर रखना अनिवार्य है जिसमें उपस्थित होने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जाए ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। आयोजन के दौरान एनजीटी एवं शासन के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना होगा। नियमों के उल्लंघन पर समिति के सदस्य जिम्मेदार होंगे।

शर्तों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्यवाही

इन सभी शर्तों के अतिरिक्त कोविङ 19 के संबंध में भारत सरकारए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए आदेशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा।

उपरोक्त दिए गए किसी भी शर्तो का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अव्यवस्था होने पर इसकी समस्त जिम्मेदारी कार्यक्रम के आयोजनकर्ता की होगी तथा उसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश के उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 सह पठित एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1987 या संशोधित 2020 एवं अन्य विधि अनुकूल कड़ी कार्यवाही की जाएगी ।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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