आठ महिने से कोख में पाल रही थी जिगर के टुकड़े को कि पेट में ही काल के गाल में समा गया नवजात, नर्सों की आंखों में भी आ गया पानी

परिजनों का नहीं चला पता, लगातार तीन दिन से बेहोश है महिला, पेंड्रारोड में रेलवे ट्रेक पर मिली थी अज्ञात गर्भवती महिला, सिर पर हैं चोटों के गंभीर घाव

By: BRIJESH YADAV

Published: 10 Apr 2019, 06:53 PM IST

बिलासपुर. पेंड्रारोड में रेलवे ट्रेक पर मिली अज्ञात गर्भवती महिला को तीसरे दिन भी होश नहीं आया है। वहीं बुरी खबर ये है कि उसके पेट में पल रहे 32 से 34 सप्ताह के बच्चे की कोख में ही मौत हो गई है। डॉक्टरों की टीम ने मृत नवजात को बाहर निकाल लिया है, लेकिन मां की स्थिती अभी भी नाजुक बनी हुई है। वह बेहोश है और उसके साथ क्या कुछ गुजर रहा है यह उसे पता ही नहीं है। गौरतलब है कि तीन दिन पहले पेंड्रारोड के सिटी अस्पताल से अज्ञात गर्भवती महिला को रेफर करके सिम्स में भर्ती कराया गया था। पेंड्रोरोड में रेलवे ट्रेक पर महिला बेहोशी की हालात में पड़ी हुई थी। लोगों की सूचना पर उसे 108 एम्बूलेंस की मदद से पेंड्रारोड के सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गंभीर चोंटों और नाजुक हालत को देखते हुए महिला को सिम्स रिफर किया गया था। रात करीब 12 बजे सिम्स के कैचुएलिटी वार्ड में डॉक्टर ओपी राज ने महिला की जांच की और उसे वार्ड में भर्ती करया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में उसे एसआईसीयू वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। दूसरे दिन देर शाम तक महिला को होश नहीं आया है। वहीं सिम्स प्रबंधन ने महिला के परिजनों को खोजने के लिए पुलिस को सूचित भी किया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
तीसरे दिन थम गईं नवजात की सांसे, दवाओं से हुई डिलवेरी:
सिम्स के एसआईसीयू वार्ड में महिला को 5 नंबर वेड पर भर्ती करया गया था। मशीनें लगी हुईं थी और उसके पेट में मौजूद 7 से 8 माह के बच्चे की शुरूआत में हलचल महशूस हो रही थी। बुधवार को की सुबह करीब 9.30 बजे जब डॉक्टरों ने चेकअप किया तो पाया कि महिला के पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी है। बेहोश महिला की जान पर न बन आए इसलिए आनन-फानन में दवाओं के माध्यम से उसकी डिलेवरी कराई गई। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया गया।
एसआईसीयू के 2 नंबर वेड में शिफ्ट हुई महिला:
डिलेवरी के बाद महिला को एसआईसीयू वार्ड के 5 नंबर वेड से 2 नंबर वेड में शिफ्ट कर दिया गया है। मरीज की निगरानी बार्ड की नर्सें कर रहीं हैं। सिर में गंभीर चोटें हैं। महिला सिर्फ सांसे लें रही है और शरीर में कोई मूवमेंट नहीं दिख रहा है। गर्भवती महिला का सीटी स्केन पहले ही हो चुका है और डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताई है। सरकारी फ्री इलाज की व्यवस्था भी सिम्स प्रबंधन ने कराई है।
अपराध या हादसा:
लेकिन अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला रेलवे ट्रेक पर कैसे पहुंची। क्या वह ट्रेन हादसे का शिकार हुई कि कोई और वजह रही। डॉक्टरों की माने तो इस मामले में पुलिस जांच कर करके ही स्थिती स्पष्ट करेगी।
कारगर नहीं हो रहे परिजनों को खोजने के प्रयास:
जैसे ही महिला सिम्स पहुंची तो सिम्स प्रबंधन ने पुलिस, स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना दी। गर्भवती महिला के परिजनों तक खबर पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग भी किया गया। फोटो सहित हादसे की तस्वीरें व्हाट्सएप और फेसबुक पर शेयर की गईं। लेकिन कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है। पलंग पर पड़ी महिला की सांसे सिर्फ सिम्स की नर्सों के भरोसे चल रहीं हैं।

वर्जन..
--महिला के इलाज से संबंधित जो कार्रवाई जरूरी थी करवाई गई है। महिला का सीटीस्केन कराया था। उसे सिर में गंभीर चोट है और स्थिती नाजुक है।
डॉक्टर पुनीत भारद्वाज
अस्पताल अधीक्षक सिम्स

Newborn death of an unknown pregnant woman
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