आयुष्मान विश्वविद्यालय की अव्यवस्था मामले में सचिव स्वास्थ्य परिवार और सचिव नर्सिंग को पक्षकार बनाते हुए नोटिस

हाईकोर्ट

By: Amil Shrivas

Published: 10 Apr 2019, 07:54 PM IST

बिलासपुर. एकिटंग सीजे प्रशांत कुमार मिश्रा व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ ने आयुष्मान विश्वविद्यालय की अव्यवस्था मामले में सचिव स्वास्थ्य परिवार कल्याण और सचिव नर्सिंग काउंसिल को पक्षकार बनाने पर सहमति जताते हुए नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब तलब किया है। मामले की पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर इन दोनों अधिकारियों को पक्षकार बनाने की मांग की थी।

याचिकाकर्ता दिव्या जायसवाल ने प्रदेश के नर्सिंग कालेजों में शिक्षा का स्तर गिरने, परीक्षा समय पर नहीं लिए जाने और और कई कालेजों में प्रैक्टिकल उपकरणों की कमी का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका लगाई है। याचिका में कहा गया है कि कई मेडिकल कालेजों की परीक्षाएं समय पर नहीं होती साथ ही उपकरणओं सी सुविधा नहीं होने के कारण छात्रों को परेशानी हो रही है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को व्यक्तिगत रुप से तलब किया था। कुलपति और परीक्षा नियंत्रक ने अव्यवस्था दूर करने और परीक्षा का आयोजन समय पर लिए जाने संबंधी शपथपत्र दिया था। अब इस मामले में याचिकाकर्ता द्वारा सचिव स्वास्थ्य परिवार कल्याण और सचिव नर्सिंग काउंसिल को भी पक्षकार बनाने की मांग को कोर्ट ने मंजूर कर लिया है।

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