..अब नर्सों को मां समझकर गोद में किलकारी मार रहा ट्रेन में मिला 5 माह का लावारिस बच्चा

..अब नर्सों को मां समझकर गोद में किलकारी मार रहा ट्रेन में मिला 5 माह का लावारिस बच्चा

Brijesh Kumar Yadav | Publish: Feb, 22 2019 11:53:27 AM (IST) | Updated: Feb, 22 2019 11:53:28 AM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन में मिला था बच्चा, शिशु को अनूपपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, बच्चे की खोज खबर लेने अभी तक नहीं पहुंचे परिजन

बिलासपुर. कहते हैं मासूम भगवान का रूप होते हैं। उनके चेहरा का आकर्षण बड़े-बड़े पत्थरों को पिघला देता है। जब रविवार को बिलासपुर जोन के अनूपपुर स्टेशन पर ५ माह का मासूम रोता बिलखता मिला तो लोगों की जुबां से बच्चे के माता पिता को लेकर कड़वाहट निकल रही थी। लोग कह रहे थे कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही होगी कि इतना सुंदर बच्चा कोई ट्रेन में लावारिस छोड़ गया। बच्चा सुबह ट्रेन की सीट पर सोता हुआ मिला। बच्चा इतना प्यारा है कि उसे देखकर आपका भी उसे गोदी में लेने का मन हो जाए। लावारिस बच्चे को ट्रेन में जिसने भी देखा, एयक अपनी गोद में लेकर दुलार करने बिना नहीं रहा।
नर्सों की गोद में हैं बच्चा, मिल रहा प्यार दुलार
घटना के चार दिन बाद भी बच्चे के परिजनों का कोई पता नहीं है और न ही बच्चे को लेने कोई पहुंचा है। वहीं शहडोल जीआरपी थाना प्रभारी एलपी कश्यप ने बताया कि जीआरपी पुलिस ने बच्चे को अनुपपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया है और चाइल्ड लाइन को बच्चे की सूचना दे दी है। कागजी कार्रवाई चल रही है और बच्चे की देखभाल अनुपपुर जिला अस्पताल की दर्जनों नर्सें कर रहीं हैं, जो बारी-बारी से उसे प्यार दुलार दे रहीं हैं।
अनूपपुर के जिला अस्पताल में भर्ती मासूम की सूरत इतनी प्यारी है कि नर्सें भी अपनी बारी का इंतजार कर रहीं हैं। पुलिस के बताए अनुसार चंूकि बच्चा छत्तीसगढ़ के दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन में मिला था, लिहाजा अंबिकापुर, पेंड्रा और छत्तीसगढ़ व मप्र के कई शहरों से लोग बच्चे को देखने के लिए आ रहे हैं। कई लोगों ने उसे गोद लेने की इच्छा भी जाहिर की है।
रविवार को मिला था बालक
अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार की सुबह 4 बजे दुर्ग अंबिकापुर सवारी गाड़ी के बोगी नंबर एस.4 में बर्थ 7 पर ५ माह का अज्ञात बालक मिला था। ड्यूटी में टिकट निरीक्षक अजीत आनंद रायपुर से अम्बिकापुर जा रहे थे अनूपपुर स्टेशन में उतरने के बाद जैसे ही कोच नंबर एस.4 के अपने बर्थ में आये तो ५ माह का एक बालक उनके सीट पर लेता हुआ रो रहा था। काफी देर इंतजार करने के बाद जब कोई नही लौटा तो बच्चे को जीआरपी अनूपपुर को सौपा गया।
यात्रियों ने भी की थी मां से मिलाने की कोशिश
बताया जाता है कि बच्चे और माँ के लिए ट्रेन को 3 बार चैन पुलिग भी कराया गया। ताकि बच्चे को छोड़कर किसी काम से दूर गई माँ वापस आकर अपने बच्चे को ले जाय। लेकिन काफी इंतजार के बाद माँ या परिजनों के नहीं आने पर जीआरपी को सौंप दिया गया। जहाँ से उसे जिला अस्पताल के बाल गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है। बच्चा विशेषज्ञ डा ब्रिजेश पटेल के अनुसार बच्चा पूर्णत स्वस्थ है। बाल गहन चिकित्सा कक्ष में नर्स बच्चे की देखभाल कर रही है।
शिशु मिलने की ये पहली घटना
रेलवे पुलिस की माने तो बच्चे को जानबूझकर छोड़े जाने की आशंका ज्यादा है, चार दिन हो गए लेकिन अभी तक कोई परिजन बच्चे को खोजते हुए पुलिस के पास नहीं पहुंचे। नवजात को लावारिस छोडऩे के मामले आए दिन कहीं भी सामने आ जाते हैं, लेकिन इस तरह ५ माह के बच्चे को छोडऩे की ये पहली घटना है। पुलिस भी अपने स्तर से परिजनों की तलाश कर रही है, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है।

जीआरपी थाना प्रभारी ने कहा स्वस्थ्य है बच्चा
ट्रेन में बच्चे को मिले करीब चार दिन हो गए हैं। बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य है, हमने चाइल्ड लाइन को भी पत्र लिख दिया है, अभी फिलहाल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां अस्पताल का स्टाफ बारी-बारी से उसकी देखभाल कर रहा है।
एलपी कश्यप
जीआरपी थाना प्रभारी शहडोल।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned