पाला कलाकारों ने अभिनय व नृत्य के जरिए प्रदर्शित की महाप्रभु की लीलाएं

जगन्नाथ मंदिर: श्री जगन्नाथ सेवा समिति का रथयात्रा उत्सव

By: Amil Shrivas

Published: 20 Jul 2018, 05:26 PM IST

बिलासपुर. महाप्रभु जगन्नाथ की लीलाओं को गुरुवार की शाम ओडिशा से आए पाला कलाकारों ने अभिनय व नृत्य के माध्यम से मौसी मां के घर ओडिया स्कूल मैदान में प्रस्तुत किया। महाप्रभु के लीलाओं को देखने के लिए महिलाएं व बच्चों में विशेष उत्साह दिखा। कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान ही हरि बोल व जय जगन्नाथ...का जय घोष श्रद्धालुओं ने किया।

श्री जगन्नाथ सेवा समिति की ओर से रथयात्रा उत्सव का आयोजन रेलवे क्षेत्र में किया जा रहा है। इस उत्सव के तहत भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र के साथ भव्य रथ में सवार होकर शहर भ्रमण करते हुए मौसी गुंडिचा के घर पहुंचे है। जहां पर उनका सेवा-सत्कार व खातिरदारी की जा रही है। इसी के अंतर्गत मौसी के घर महाप्रभु के लिए मनोरंजक कार्यक्रम किया जा रहा है। जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति कलाकार दे रहे हैं। गुरुवार को पाला कलाकारों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष केके बेहरा ने बताया कि पाला ओडिशा की लोक कला है। छत्तीसगढ़ में जिस तरह पंडवानी का कार्यक्रम होता है उसी तरह ओडिशा के कलाकार पाला में प्रभु की लीला का वर्णन करते हैं। कार्यक्रम में शिशिर कुमार पाडी और त्रिलोचन बेहरा गायक व नायक के तौर पर प्रस्तुति देते रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6 बजे से शुरू होता है जो रात में 11 बजे तक चलता है। शाम में प्रभु की महाआरती के बाद कार्यक्रम की शुरुआत होती हैं। इस कार्यक्रम में सभी पहुंचकर महाप्रभु के दर्शन कर रहे हैं। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष पीके सामंतराय, उपाध्यक्ष केके बेहरा, सचिव गजेन्द्र प्रसाद दास, सह सचिव एमके दास, एमके मोहंती, डी नायक, के पात्र, आरसी प्रधान, बीबी मोहंती, सीआर बाग, एसए मोहंती सहित बड़ी संख्या में मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित थे।

भजनों की प्रस्तुति
इस्कॉन ग्रुप द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। इसमें भगवान तुम्हारे चरणों तुम्हें रिझाने आया हूं, वाणी में मिठास नहीं पर तुम्हे सुनाने आया हूं...जैसे भजनों को गाते हुए भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर लोगों को भक्ति में लीन कर दिया। इसी तरह कई भजनों की प्रस्तुति देते हुए देर रात तक प्रभु की भक्ति की।

22 को बाहुड़ा यात्रा
महाप्रभु जगन्नाथ 22 को मौसी मां के घर विदा लेकर वापस श्री मंदिर पहुंचेंगे। पुन: भव्य रथ में सवार होकर महाप्रभु बहन सुभद्रा, भाई बलभद्र के साथ शहर भ्रमण करते हुए मंदिर पहुंचेंगे। बाहुड़ा यात्रा दोपहर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद छेरा पेहरा की रस्म के बाद निकाली जाएगी। इसे मंत्री अमर अग्रवाल पूरा करेंगे।

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