पुलिस लाइन भी महफूज नहीं, क्वार्टर में घुसकर जला दी आरक्षक की दो मोटरसाइकिलें

पुलिस लाइन भी महफूज नहीं, क्वार्टर में घुसकर जला दी आरक्षक की दो मोटरसाइकिलें
Two motorcycles in the quarter burst into the rickshaw

Kajal Kiran Kashyap | Updated: 18 Jun 2017, 12:11:00 AM (IST) bilaspur

सकते में आए  पुलिस कर्मी, सिविल लाइन पुलिस ने दर्ज किया अपराध

बिलासपुर. अपराधों पर पुलिस कितनी रोकथाम कर पा रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब अपराधी पुलिस की मांद में भी घुसकर वारदात कर दे रहे हैं। शुक्रवार रात असामाजिक तत्वों ने रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) में परिसर में घुसकर पुलिस क्वार्टर के बरामदे में खड़ी आरक्षक की दो मोटरसाइकिलों में आग लगा दी।

पता चलने पर देर रात आरक्षक और पड़ोसी पुलिस कर्मियों ने आग बुझ़ाई। इस घटना को लेकर क्वार्टर में रहने पुलिस कर्मी खुद दहशत में आ गए हैं। शनिवार की शाम पुलिस ने शिकायत पर आगजनी का मामला दर्ज कर खानापूर्ति की। पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक दीपक वैष्णव पुलिस लाइन में बने नए क्वार्टरों में ई विंग के ग्राउंड फ्लोर में मकान नंबर जी-3 में परिवार समेत रहता है।

शुक्रवार रात उन्होंने क्वार्टर के बाहर प्लेजर (सीजी 10 एनबी 4118) और पैशन प्रो बाइक (सीजी 28, 4263) खड़ी की, और सोने चला गया। देर रात अज्ञात किसी ने दोनों मोटरसाइकिलों में आग लगा दी। रात करीब डेढ़ बजे दीपक के बेटे सुमित की नींद खुल गई।

उसे खिड़की के बाहर आग की लपटें दिखाई दीं। उसने अपने पिता व परिवार के सदस्यों को नींद से जगाकर घटना की जानकारी दी। दीपक घर से बाहर निकला और आग बुझ़ाने लगा। हो हल्ला सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले दूसरे पुलिस कर्मी भी बाहर निकल आए। पुलिस कर्मियों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया। आगजनी में दोनों मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गईं।

दो और गाडिय़ां बच गईं: अपार्टमेंट में रहने वाले दूसरे पुलिस कर्मियों की मोटरसाइकिलें भी क्वार्टर के बाहर खड़ी थीं। आग बुझाते समय पुलिस कर्मियों ने दूसरी गाडिय़ों को बचाने के लिए उन्हें हटाया। समय पर आग आग बुझा लेने से दूसरी गाडिय़ां जलने से बच गईं।

एक साल पहले मुख्य मार्ग पर जला दी थी भतीजे की बाइक : दीपक का भतीजा  राहुल वैष्णव बिलासागुड़ी के सामने मेनरोड पर स्थित पुलिस क्वार्टर में रहता है। सालभर पहले अपराधियों ने राहुल की बाइक में आग लगा  दी थी। सिविल लाइन से महज 100 मीटर दूर हुई इस आगजनी में  बाइक जलकर खाक हो गई थी। पुलिस अब तक बाइक जलाने वाले फायरमैन का पता नहीं लगा सकी।

देखिए संवेदनशील परिसर को लेकर कितनी गंभीर है पुलिस! ; रक्षित केंद्र बेहद संवेदनशील परिसर है। यहां पुलिस की आयुध सामग्रियां रखी हुई हैं। लेकिन इसे लेकर सिविल लाइन पुलिस कितनी संजीदा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना के बाद पुलिस घंटों तक मौके पर नहीं पहुंची। जबकि आगजनी की सूचना दीपक ने सिविल लाइन पुलिस को सुबह दे दी थी। जांच के लिए पुलिस कर्मी शाम 5 बजे तक नहीं पहुंचे तो आरक्षक खुद सिविल लाइन थाने पहुंचा। उसने एएसआई शारदा सिंह को जांच करने के लिए मौके पर चलने की बात कही। लेकिन एएसआई ने जाने से इनकार कर दिया। काफी मिन्नतें करने के बाद एएसआई जांच करने पहुंचीं। लेकिन एफआईआर दर्ज करने के बजाए केवल आगजनी की घटना दर्ज कर खाना पूर्ति कर दी।

कुछ नहीं देखना चाहती पुलिस, गेट पर लगा दिया प्लास्टिक का कव्हर:  पहले सिविल लाइन थाने में बैठकर ड्यूटी स्टाफ सड़क पर आने-जाने वालों पर नजर रखा करता था। इससे बिलासागुड़ी और ईदगाह चौक तक का क्षेत्र सीधी निगरानी में रहता था। लेकिन अब सिविल लाइन पुलिस ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं। खुद को छिपाते हुए सामने मुख्य गेट पर प्लास्टिक शीट का कवर लगवा दिया है। इससे थाने के सामने हो रही गतिविधि भी ड्यूटी स्टाफ नहीं देख सकता। रात होते ही थाने का यह गेट बंद हो जाता है, और पुलिस कर्मी चैन की नींद सो जाते हैं।  

पुलिस लाइन में मोटरसाइकिलों में आग लगाने की जानकारी मिली है। अपराध दर्ज नहीं होने की जानकारी नहीं है। घटना को अंजाम देने वाले अपराधिक तत्वों को जल्द पकड़ा  जाएगा।
- अर्चना झा, एएसपी

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