रेलवे के तुगलकी फरमान के खिलाफ हम्मालों ने खोला मोर्चा

Porter on strike: रेलवे में डेली वेजेस में कार्यरत हमाल दूसरे दिन भी काम पर वापस नहीं लौटे। हमालों ने कहा जब भूखे ही मरना है तो काम करने का क्या फायदा

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Published: 01 Mar 2020, 08:19 PM IST

बिलासपुर. रेलवे में डेली वेजेस में कार्यरत हमाल दूसरे दिन भी काम पर वापस नहीं लौटे। हमालों ने कहा जब भूखे ही मरना है तो काम करने का क्या फायदा, हमालों ने कहा अगर रेलवे ने अपना फरमान वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन करने मजबूर होना पडेगा। हमालों ने रविवार को सांसद अरुण साव से मुलाकात कर मद्द की गुहार लगाई है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में शनिवार को रेलवे का फरमान मिलने के बाद से हमालों ने काम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। रविवार को भी हमाल काम पर वापस नहीं लौटे। हमालों ने कहा कि पहले रेलवे ने काम आधा कर दिया और अब भूखे मारने की योजना बना पांच दिन और घटा दिया है। हमालों को रेलवे के अधिकारी अपने घर का नौकर समझते है। जब मन आया काम करने घर बुला लिया और जब मन आया काम का दिन घटा दिया। रेलवे अधिकारियों की मनमानी बढ़ती ही जा रही है। हमालों ने कहा कि अपनी जायज मांग को लेकर रविवार सुबह सभी सांसद अरु ण साव से मुलाकात करने पहुंचे। सांसद से मिलकर उन्होंने अपनी मांग रखी। हमालों ने कहा कि सांसद ने उनके सामने ही फोन लगाकर मंडल रेल प्रबंधक से बात की और हमालों को पूर्व की भांति ही काम में रखने की बात कही साथ ही रेलवे ने ऐसा नहीं किया तो वह भी उनके साथ आंदोलन में शामिल होंगे।

हमालों ने की वाणिज्य इंस्पेक्टर को हटाने की मांग

हमालों ने प्रर्दशन के दौरान वाणिज्य इंस्पेक्टर धनंजय सिंह व सीसीएम जय शंकर शर्मा व सीपीएस पांडे को हटाने की मांग करते रहे। हमालों ने कहा कि तीनों ही अधिकारी जबरिया अपने व अन्य अधिकारियों के घर हमालों को काम करने भेजते है। नहीं जाने पर वाद विवाद की स्थिति निर्मित होने लगती है।

हमाल मिलने आए थे मुलाकात के दौरान डीआरएम से फोन पर बात हुई है। डीआरएम को सभी हमालों को काम में रखने या अन्य विभाग में मर्ज करने का निर्देश दिया हूं।

अरुण साव, सांसद बिलासपुर

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