खुद तो बिना डीएल के चला रहे हैं थानों के पेट्रोलिंग वाहन, सड़क पर जांच कर दूसरों के काट रहे चालान

काम चलाऊ पुलिस कर्मियों के बूते थानेदार शहर में पेट्रोलिंग करा रहे हैं।

By: Amil Shrivas

Published: 30 Dec 2018, 06:04 PM IST

बिलासपुर. कानून का पालन करने वाली पुलिस खुद ही नियम विरूद्ध काम कर रही है। लोगों से बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर जुर्माना वसूल करने वाले कई पुलिस कर्मियों के पास खुद भारी वाहन चलाने के लाइसेंस नहीं हैं। जिले के 22 थानों के 27 पेट्रोलिंग वाहन चलाने वाले 107 पुलिस कर्मियों के पास वाहन चलाने का लाइसेंस नहीं है। इसका खुलासा आरआई (रक्षित निरीक्षक) द्वारा जिले के सभी थानों को लाइसेंस की फोटो कॉपी जमा करने के आदेश के बाद हुआ है।

आरआई के आदेश के बाद 10 थानों के करीब 11 पुलिस कर्मियों ने ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी जमा की है। वहीं शेष थानों के वाहन चलाने वालों ने अब तक लाइसेंस जमा नहीं किया है। आरआई के आदेश के बाद आरटीओ में लाइसेंस बनवाने आरक्षकों ने आनन-फानन में आवेदन जमा किया है। जिले में 22 थानों में कुल 27 पेट्रोलिंग वाहन हैं, जिनमें 24 घंटे में दो शिफ्टों में करीब 4 आरक्षक नियमित रूप से वाहन चलाते हैं। जिले में कुल 108 पुलिस कर्मी वाहन चलाते हैं। इनमें से अधिकांश वाहन चालक ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति विभाग में आरक्षक के पद पर हुई है। आरक्षकों से पिछले कई सालों से थाने के पेट्रोलिंग वाहन चलवाए जा रहे हैं। आरक्षक भी बिना लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं। काम चलाऊ पुलिस कर्मियों के बूते थानेदार शहर में पेट्रोलिंग करा रहे हैं।

एक सप्ताह पूर्व जिले के रक्षित निरीक्षक (आरआई) धनेन्द्र ध्रुव ने जिले के थानेदारों को आदेश जारी कर पेट्रोलिंग वाहन चलाने वाले पुलिस कर्मियों के ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी पुलिस लाइन में जमा करने के आदेश दिए थे। आरआई के आदेश के बाद थानेदारों ने पेट्रोलिंग करने वाले पुलिस कर्मियों को ड्राइविंग लाइसेंस जमा करने को कहा था। आदेश के बाद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया है। जिले के करीब 97 पुलिस कर्मी ऐसे हैं जिनके पास चार पहिया वाहन चलाने के लाइसेंस नहीं हैं।
आरटीओ में किया आवेदन : जिले के करीब 97 पुलिस कर्मियों ने आदेश के बाद लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ में आनन फानन में आवेदन किया है। इनमें से अधिकांश पुलिस कर्मियों के पास सिर्फ बाइक चलाने के लाइसेंस हैं। पुलिस कर्मी बाइक के साथ-साथ चार पहिया वाहन चलाने के लाइसेंस बनवाने में लगे हैं।

ट्रैफिक थाने के 15 जवान बिना लाइसेंस के : ट्रैफिक थाने में पेट्रोलिंग के लिए 4 वाहन उपलब्ध हैं। इन वाहनों को शिफ्ट के अनुसार 16 पुलिस कर्मी चलाते हैं। इनमें से 1 पुलिस कर्मी धर्मेन्द्र डडसेना के पास वाहन चलाने का लाइसेंस है, जबकि शेष 15 पुलिस कर्मी बिना लाइसेंस पिछले कई सालों से सरकारी वाहन चला रहे हैं।
हादसा होने पर जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं : पुलिस के पेट्रोलिंग वाहन चलाने वाले पुलिस कर्मी बिना लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं ऐसे में कभी हादसा या दुर्घटना जो जाए तो हादसे की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। पुलिस का काम भी भगवान भरोसे चल रहा है।

पुलिस वाहनों का बीमा भी रहस्यमय : पुलिस के पास करीब 40 से अधिक चार पहिया वाहन हैं। इन वाहनों में आईजी से लेकर थाने के पेट्रोलिंग और पुलिस लाइन के वाहन शामिल हैं। वाहनों का नियमित बीमा है या नहीं इस पर भी रहस्य बरकार है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के अधिकांश वाहनों का कई सालों से बीमा नहीं हुआ है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंश कराना अनिवार्य रूप से करावाने का आदेश जारी किया है। इसके बाद भी वाहनों का बीमा भगवान भरोसे चल रहा है।
अल्टीमेटम दिया गया : थानों के पेट्रोलिंग वाहन चलाने वालों के पास लाइसेंस है या नहीं इसकी जानकारी लेने के लिए लाइसेंस की फोटो कॉपी जमा करने के आदेश दिए गए थे। आदेश के बाद 11 पुलिस कर्मियों ने लाइसेंस एमटी शाखा में जमा किया है। शेष पुलिस कर्मियों को लाइसेंस जल्द जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
धनेन्द्र धु्रव, आरआई
(रक्षित निरीक्षक)

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