बच्चों का ‘भविष्य’ संवारने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को मिलेगी 730 दिन की छुट्टी

बच्चों का ‘भविष्य’ संवारने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को मिलेगी 730 दिन की छुट्टी

Amil Shrivas | Publish: Sep, 09 2018 05:09:31 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

हाईकोर्ट में हुई सुनवाई: चाइल्ड केयर लिव लागू करने का आदेश जारी

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने केंद्र व मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर प्रदेश की शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लिव लागू करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिए अब 730 दिनों का अवकाश मिलेगा।

सिम्स में पदस्थ अर्चना सिंह एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि केंद्र सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन ने बच्चों की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लिव का प्रावधान लागू किया है। ये सुविधा प्रदेश की महिलाओं के लिए भी लागू की जाए। दरअसल केंद्र सरकार ने 2008 में छठवें वेतनमान के साथ चाइल्ड केयर लिव के लिए 730 दिनों का अवकाश दिए जाने की अधिसूचना जारी की थी। साथ ही मध्यप्रदेश में भी 6 माह के मातृत्व अवकाश के साथ 730 दिनों का अतिरिक्त अवकाश बच्चों के लालन-पालन के लिए स्वीकृत किया गया है। ये योजना देश के कई अन्य कई राज्यों में भी लागू की गई है। लेकिन छत्तीसगढ़ में ये सुविधा लागू नहीं की गई थी। हाईकोर्ट ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। शासन से मिले जवाब के बाद शुक्रवार को जस्टिस पी. सैम कोशी की एकलपीठ में मामले की अंतिम सुनवाई की गई। एकलपीठ ने केंद्र और मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर प्रदेश की महिलाओं के लिए भी चाइल्ड केयर लिव लागू किए जाने का आदेश जारी किया है। हालांकि ये सुविधा कब से शुरू होगी, इस संबंध में कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।

राज्य शासन को जल्द नियम बनाने के निर्देश
जस्टिस पी. सैम कोशी की एकलपीठ ने 730 दिनों के चाइल्ड केयर लिव के लिए राज्य शासन को जल्द ही अधिसूचना जारी कर इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा, जितनी जल्दी हो सके ये नियम अस्तित्व में लाया जाए। कोर्ट ने ये भी कहा, जब ये व्यवस्था देश के लगभग सभी राज्यों में लागू किए गए हैं तो, यहां क्यों नहीं।

बच्चे के वयस्क होते तक ले सकते हैं अवकाश, पूरी सैलरी मिलेगी
कोर्ट ने कहा, एक बार इस नियम के लागू होने के बाद माता-पिता बच्चों के वयस्क होने यानी 18 वर्ष की अवधि तक टुकडों में या एक साथ केयर लिव ले सकते हैं। सैलरी पूरी मिलेगी।

सभी सरकारी संस्थान, स्कूल-कॉलेजों में लागू होगा नियम
चाइल्ड केयर लिव का नियम राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी संस्थानों पर पूरी तरह से लागू होगा। वैसे केंद्र सरकार के उपक्रमों पर तो ये नियम 2010 से लागू है। इसके तहत एनटीपीसी, सीएमपीडीआई, रेलवे, एनटीपीसी या अन्य संस्थानों के कर्मचारियों को फायदा पहले से मिल रहा है। अब राज्य सरकार के उपक्रमों, विभागों या अंडरटेकेन संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलेगा। इसके तहत सरकारी कॉलेजों, स्कूलों या राज्य शासन से किसी भी तरह की आर्थिक सहायता लेने वाले शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

अवकाश एक बार या किस्तों में ले सकेंगे
चाइल्ड केयर लिव से आशय आकस्मिक परस्थितियों में बच्चों की परवरिश के लिए लिए जाने वाले अवकाश से है। इसे बच्चे के 18 वर्ष होने तक कभी भी लिया जा सकता है। बच्चा बीमार हो, अस्पताल में भर्ती हो, या उसे किसी अन्य शहर में पढ़ाई के लिए दाखिला कराना हो। या अन्य किसी आकस्मिक परस्ेिथतियों से निपटना हो, तब केयर लिव लिया जा सकता है। इसे लगातार एक बार 730 दिन या किस्तों में, जैसी आवश्यकता हो, लिए जाने का प्रावधान होगा।

केंद्रीय कर्मियों को ये फायदा 2010 से मिल रहा
सरकारी अधिवक्ता सुनील काले ने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लिव का फायदा वर्ष 2010 से दिया जा रहा है। साथ ही देश के लगभग सभी राज्यों में, यहां तक कि मध्यप्रदेश में भी ये कानून पहले से अस्तित्व में है। हाईकोर्ट ने राज्य शासन को इस संबंध में शीघ्र ही कानून बनाने और जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस पी. सैम कोशी की एकलपीठ के इस फैसले से पैरेंटल केयर का काम आसान होगा और पैरेंट्स को विषम परिस्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी।

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