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करोड़ों के घोटाले की जांच के लिए जनहित याचिका, ईडी को भी पक्षकार बनाने की मांग

राज्य स्त्रोत निशक्त जन संस्थान अस्पताल रायपुर के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने ईडी को भी पक्षकार बनाने की मांग की। शासन ने जवाब पेश करने दस दिन का समय लिया है।.अगली सुनवाई 6 मई को होगी।

बिलासपुर

Published: April 21, 2022 07:37:11 pm

बिलासपुर। राज्य स्त्रोत निशक्त जन संस्थान अस्पताल रायपुर के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने ईडी को भी पक्षकार बनाने की मांग की। शासन ने जवाब पेश करने दस दिन का समय लिया है।.अगली सुनवाई 6 मई को होगी।
करोड़ों के घोटाले की जांच के लिए जनहित याचिका, ईडी को भी पक्षकार बनाने की मांग
करोड़ों के घोटाले की जांच के लिए जनहित याचिका, ईडी को भी पक्षकार बनाने की मांग
रायपुर कुशालपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने प्रदेश के वर्तमान और रिटायर्ड आईएएस अफसरों के द्वारा एनजीओ के नाम पर करोड़ो का घोटाला करने का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका दायर की थी।.इसमें बताया गया था कि स्वयं याचिकाकर्ता को एक शासकीय अस्पताल राज्य स्त्रोत निशक्त जन संस्थान में कार्यरत बताते हुए उसे वेतन देने की जानकारी पहले मिली। इसके बाद उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी हासिल की।इसमें पता चला कि नया रायपुर स्थित इस कथित अस्पताल को एक एनजीओ द्वारा चलाया जा रहा है ,जिसमें करोड़ों की मशीनें खरीदी गईं हैं।.इनके रख रखाव में भी करोड़ों का खर्च आना बताया गया।.इस मामले में पहले 2017 में एक पिटीशन दायर की गई। बाद में 2018 में इसे जनहित याचिका के रूप में एडवोकेट देवर्षि ठाकुर के माध्यम से पेश किया गया।मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि ये 1 हजार करोड़ का घोटाला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाइकोर्ट ने पहले हुई सुनवाई में आदेश जारी कर घोटाले मे शामिल अफ्सरों पर एफआईआर दर्ज कर कारवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी मामले में सरकार ने एक पुनर्विचार याचिका दायर कर कहा था कि सीबीआई की बजाय यह मामला पुलिस को दिया जाए। प्रकरण में चीफ जस्टिस की डीबी में महाधिवक्ता ने शासन का पक्ष प्रस्तुत किया। उन्होने बताया था कि सीबीआई की जगह यह मामला राज्य पुलिस को सौंपा जाए। सिर्फ इसी एक बिन्दु पर यह मामला शासन ने पेश किया है।,राज्य पुलिस इसकी खुद जांच करना चाहती है और इसमें सक्षम भी है। महाधिवक्ता ने कहा कि, पुलिस जो जांच करे उसे स्वयं हाइकोर्ट अपनी निगरानी में रखे। गुरुवार को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने मामले में ईडी को भी पक्षकार बनाने की मांग की। शासन से जवाब के लिए पूछा गया तो शासन ने दस दिन देने का आग्रह किया। अदालत ने इसे मंजूर कर 6 मई को अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है।

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