आईडी प्रूफ रखने की झंझट से मिलेगा छुटकारा, रेलवे ने डिजी लॉकर को दी मंज़ूरी

यात्री सुविधा: डिजीटल लॉकर को रेलवे की मंजूरी

By: Amil Shrivas

Published: 20 Jul 2018, 04:17 PM IST

बिलासपुर. सफर के दौरान यात्री का अगर आईडी प्रूफ नहीं रख पाए, या फिर खो गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं। रेलवे ने अपने नए आदेश में सरकार के क्लाउड आधारित डिजिटल लॉकर में रखे गए डिजिटल कॉपी को पहचान के रूप में मान्य करने का आदेश जारी कर दिया है।

रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए अनेक योजनाएं चला रहा है। यात्रियों को सफर के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, ऐसी ही एक नई सुविधा रेलवे ने शुरू की है। इस सुविधा को नाम दिया गया है डिजिटल लॉकर। इसके तहत अगर सफर के दौरान यात्री का पहचान पत्र आधार कार्ड, डाइविंग लायसेंस या पहचान के अन्य कोई दस्तावेज नहीं हैं, तो वह डीजिटल सॉफ्ट कॉपी दिखा सकता है। इसे पहचान पत्र के रूप में रेलवे स्वीकर करेगा। रेल मंत्रालय ने जोनल प्रिंसिपल चीफ कॉमर्शियल मैनेजर को आदेश जारी कर दिया है।

ये है डिजी लॉकर
डिजी लॉकर भारत सरकार द्वारा जारी क्लाउड स्टोरेज सेवा है, जहां भारतीय नागरिकों को अपने अति महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने की भारत सरकार अनुमति देती है। मोबाइल या कम्प्यूटर से एकाउंट बनाकर स्केनर के माध्यम से आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके अलावा अन्य दस्तावेज भी इसमें सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

स्वयं द्वारा अपलोड मान्य नहीं
रेलवे बोर्ड के जारी आदेश के अनुसार, यह पहचान पत्र सिर्फ डिजी लॉकर में ही होना चाहिए।

आदेश जारी किया जा चुका
रेलवे बोर्ड ने डिजी लॉकर के माध्यम से जारी आईडी प्रूफ के रूप में आधार कार्ड और ड्राइविंग लायसेंस को मान्य करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए संबंधित आधिकारी को आदेश जारी किया जा चुका है।
संतोष कुमार, पीआरओ जोन कार्यालय

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