शहर में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश, टीन शेड उड़े, अधिकांश जगहों पर बिजली गुल

शहर में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश, टीन शेड उड़े, अधिकांश जगहों पर बिजली गुल

Brijesh Kumar Yadav | Publish: Mar, 17 2019 08:41:12 PM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

दिन में चिलचिलाती धूप ने किया हलाकान, शाम होते ही बदल गया मौसम

बिलासपुर. रविवार की शाम अचानक मौसम का मूड़ बदल जाने से तेज हवाएं चलीं और झमाझम बारिश हुई। शहर के अधिकांश मोहल्लों में बिजली गुल हो गई। सड़क किनारे रखी गुमठियों के छप्पर हवा में लहराते दिखे। पेड़ों की टहनियां टूटने के से कई जगह फॉल्ट हुए। विधुत विभाग को क्षेत्रों की बिजली काटनी पड़ी। ये हवाएं देर रात तक जारी रहीं। सोमवार को भी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को अधिकतम पारा 40 और न्यूनतम 21 डिसे रहेगा।
गौरतलब है कि इन दिनों कभी चिलचिलाती धूप तो कभी आसमान में छाए बादल और हवा से पल-पल में तापमान बदल रहा है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव का प्रभाव लोगों की सेहत पर देखने मिल रहा है। दिन का तापमान बढ़ जाता है तो रात में पारा लुढ़क जाता है।
मौसम विभाग की माने तो विगत एक सप्ताह से दिन का अधिकतम पारा दोपहर के समय 35 के पार पहुंच जाता है और रात को बादलों के कारण न्यूनतम 20 तक आ जाता है। रविवारको बिलासपुर का अधिकतम तापमान 39 डिसे और न्यूनतम 22 डिसे दर्ज किया गया। बीच-बीच में बादलों के कारण मौसम में नमी भी बनी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि अगल 5-6 दिनों में अधिकतम पारा 40 डिसे तक पहुंच सकता है और न्यूनतम 18 पर आ सकता है।
सेहत का रखें ख्याल:
ऐसे में थोड़ी असावधानी आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। खासकर अगर आपका शरीर कमजोर है या रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है तो थोड़ी सी लापरवाही महंगी भी साबित हो सकती है। घर से निकलते वक्त धूप ने शरीर पर गर्म कपड़ों की संख्या कम कर दी। शाम को सर्द हवाएं ठंडक का अहसास करा रहीं हैं। खासकर छोटे बच्चों, महिलाएं जिन्हें एनीमिया की समस्या है, मधुमेह, टीबी के मरीज आदि इस मौसम में परेशानी महसूस कर रहे हैं। इस मौसम में लोग कपड़े हटाने या कम करने की कोशिश करने लगते हैं। लेकिन यह कोशिश उन्हें बुखार और सांसों की बीमारी का झटका दे सकती है। मौसमी बीमारियों के कारण केवल जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 मरीज सर्दी खांसी के पहुंचते हैं, जबकि सिम्स की बात की जाए तो यहां वायरल फीवर मरीजों का आंकड़ा प्रतिदिन 400 के पार पहुंच जाता है। वहीं शहर के प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिकों में भीड़ बनी हुई है। अस्पतालों की कुल ओपीडी में 60 प्रतिशत मरीज वायरल फीवर व सर्दी-खांसी के आ रहे हैं।
सावधानियां
बुखार लगातार जारी रहे तो निमोनिया या फेफड़ों में संक्रमण की समस्या हो सकती है।साफ.-सफाई का ख्याल रखें। बाहर से घर लौटें तो हाथ और चेहरा को अच्छी तरह धोएं। खांसते समय मुंह पर रुमाल जरूर रखें और यदि कोई दूसरा व्यक्ति खांस रहा है तो आप वहां से हट जाएं। डॉक्टरों की माने तो छोटे बच्चे इस मौसम में पानी पीना पसंद नहीं करते। ऐसे में अगर दस्त हो जाए तो डिहाइड्रेशन की समस्या सामने आती है और बच्चे को हॉस्पिटल ले जाना पड़ता है। शरीर में पानी की मात्रा बनी रहे। तलीभुनी बाहरी चीजों से परहेज करें।

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