रायपुर-बिलासपुर फोरलेन निर्माण में लेटलतीफी

मामले की आगामी सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।

By: Amil Shrivas

Published: 15 Nov 2018, 05:26 PM IST

बिलासपुर. सीजे अजय कुमार त्रिपाठी एवं जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ में बुधवार को नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया के अधिकारी उपस्थित हुए। युगलपीठ को रायपुर-बिलासपुर फोरलेन निर्माण कार्य की स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य प्रगति पर है। लेकिन सडक़ निर्माण के बीच में दो पुलों का भी कार्य कराए जाने के कारण कार्य अब दिसंबर की बजाय मार्च 2019 तक ही पूरा हो पाएगा। इस पर युगलपीठ ने कहा कि पिछली सुनवाई में तो दिंसबर तक काम पूरा किए जाने की जानकारी दी गई थी। अब तीन महीने अतिरिक्त लगने की बात कहां से आ गई। युगलपीठ ने अधिकारियों से कहा कि आज तक की स्टेटस रिपोर्ट तो दे दी है, अब अगले महीने तक कितना काम किया इसकी रिपोर्ट 14 दिसंबर तक पेश करो। मामले की आगामी सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।

मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ठेका कंपनी पुंज एलाइड और एलएंडटी के निदेशकों को तलब किया था। अधिकारियों को ताकिद की गई थी कि सभी रायपुर से सडक मार्ग से होते हुए बिलासपुर आएं औैर बताएंगे कि सडकें किस कदर बदहाल है और इस पर चलने में लोगों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आखिर 64 महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हो सका। हाईकोर्ट के निर्देश पर दोनों निर्माण कंपनियों के निदेशक हाईकोर्ट में उपस्थित हुए थे।

सीजे अजय कुमार त्रिपाठी की युगलपीठ में एलएंडटी और पुूंज एलाइड के निदेशकों ने उपस्थित होकर बताया था कि निर्माण कार्य हर हाल में 31 दिंसबर के पहले पूरा कर लिया जाएगा, अब इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। अधिकारियों के आश्वासन पर कोर्ट ने 14 नवंबर को अंतिम प्रोग्रेस रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।फोरलेन निर्माण में हो रही लेटलतीफी को लेकर रायपुर के रजत तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। याचिका में सडक निर्माण कार्य में हो रहे विलंब और सरकार द्वारा मूक दर्शक बने रहने पर एतराज जताया गया है। आरोप लगाया गया है कि 65 महीना होने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य की प्रापर मानिटरिंग नहीं हो रही है और कार्य समय पर कैसे पूरा हो, इसकी योजना भी नहीं बनाई गई है।

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