रायपुर नगर निगम ने नहीं दिया हाईकोर्ट में जवाब

पानी में क्लोरिन मिलाए जाने की सलाह को भी नजरअंदाज कर नियमिति रूप से कोर्ट को कोई जानकारी नहीं दी गई।

By: Amil Shrivas

Published: 25 Apr 2018, 01:07 AM IST

बिलासपुर . संक्रमित और ई-कोलाई बैक्टीरियायुक्त पानी की आपूर्ति कर लाखों लोगों की जान जोखिम में डालने वाले नगर निगम को हाईकोर्ट ने 24 अप्रैल तक जल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कर जानकरी देने के निर्देश दिए थे। रायपुर नगर निगम की ओर से मंगलवार को जवाब पेश नहीं किए जाने के कारण मामले की आगामी सुनवाई अब एक सप्ताह बाद होगी। मामले की पिछली सुनवाई में जस्टिस मनींद्रमोहन श्रीवास्तव एवं जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की युगलपीठ में नगर निगम की ओर से कहा गया कि न्यायमित्रों की रिपोर्ट पर अमल करते हुए कर्मचारियों की संख्या बढाने के लिए अरबन डेवलपमेंट विभाग से रेकमेंडेशन मांगी गई है। पर विभाग पूरी तरह से इन मांगों पर सहमत नहीं है और पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की भर्ती पर असहमति जताई है। इस पर युगलपीठ ने नगर निगम से ओरिजनल रिकोमेंडेशन लिस्ट की कापी पेश करने का आदेश दिया था। ज्ञात हो कि बिलासपुर नगर निगम द्वारा संक्रमित पानी की आपूर्ति किए जाने पर हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 243 डब्ल्यू के तहत उत्तरदायित्वों की पूर्ति नहीं करने पर नगर पालिका को भंग करने तक की चेतावनी जारी कर चुका है। कोर्ट कमिश्नरों के सुझावों पर अमल नहीं करने पर गहरी नाराजगी जताते हुए आयुक्त नगर पालिक निगम बिलासपुर को महापौर और एमआईसी की सहमति से जल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। साथ ही मामले की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय कोर्ट कमिश्नरों की नियुक्ति कर इनके सुझावों पर अमल करने का निर्देश दिया था। बिलासपुर नगर पालिका निगम को कोर्ट कमिश्नरों द्वारा नियमित रूप से एनएबीएल अनुमोदित लैब से पानी की जांच कराए जाने को कहा है। निगम ने इन लैबों पानी की जांच नहीं कराई, कोर्ट को बताया कि रिपोर्ट आने में काफी समय लगता है। साथ ही पानी की जांच करने वाली प्रयोगशाला में स्टाफों की भर्ती के संबंध में कहा ऐसी कोई प्रयोगशाला ही कार्यरत नहीं है। पानी में क्लोरिन मिलाए जाने की सलाह को भी नजरअंदाज कर नियमिति रूप से कोर्ट को कोई जानकारी नहीं दी गई। नालियों और नालों के बीच में बनाई गई पाइपलाइन के सुधार के संबंध में भी कोई संतोषजनक रिपोर्ट पेश नहीं की गई। पानी की टंकियों की सुरक्षा के लिए गार्ड की व्यवस्था पर बीएमसी ने कहा कि पंप आपरेटर ही यह कार्य कर रहा है। साथ ही सीसीटीवी लगाए जाने पर टेंडर किए जाने की जानकारी दी गई।
ज्ञात हो कि वर्ष 2014 में पीलिया से पत्नी की मौत होने पर रायपुर के दीनदयाल नगर के मुकेश देवांगन ने जनहित याचिका दायर कर मुआवजा एवं मामले की पूरी जांच किए जाने की मांग की है। इस पर हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी नगर निगमों को पानी की सप्लाई दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं।

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