राशन मिल रहा न प्रशासन की मदद इसलिए गली-गली लोगों की मदद करके पाल रहे अपनों का पेट

Real india: खतरों के बीच घर घर सब्जी और फल पहुचाने वाले हाथ ठेला वालों की परेशानियां

By: Murari Soni

Published: 18 Apr 2020, 06:25 PM IST

बिलासपुर। हम वर्षों से बिलासपुर की गलियों में सब्जी और फल बेचकर अपनी रोजी रोटी कमाते हैं, बाहरी हैं तो हमारा न राशन कार्ड बना है और न ही हमे राशन जैसी कोई मदद प्रशासन से मिल रही है। अपनो का पेट पालना है तो कोरोना वायरस के खतरे के वाबजूद गली गली घूम रहे है। मुसीबत की इस घड़ी में लोगों को घरों में ही सब्जी-फल उपलब्ध कराकर हम भी दो पैसे कमा लेते हैं जिससे हमारा भी पेट भर सके। ये बातें उन हाथ ठेला वाले मजबूर असंगठित कामगारों ने कहीं जो सुबह 9 बजे से 12 बजे तक शहर की गलियों में जरूरी सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। केस 1 चांटीडीह निवासी संजय साहू ने बताया कि लोक डाउन के कुछ दिन पूर्व ही वे यूपी चित्रकूट के अपने गांव से लौटे थे अचानक लॉक डाउन हो गया ऐसे में गांव जाने कोई साधन नहीं था। कुछ दिन कमरे में ही गुजारे लेकिन मजबूरी ऐसी आ गई कि अब कोरोना वायरस के खतरों को नजर अंदाज करना पड़ा और गली गली जाकर फल बेच रहे हैं। खुसी इस बात की है कि जरूरत के वक़्त लोगों के काम आ रहे हैं। व्यापार में काफी गिराबट आई है लेकिन गुजारा कर रहे हैं। प्रशासन से मांग है कि हमे राशन तो नहीं मिल रहा कम से कम मास्क ओर सेनेटाइजर उपलब्ध कराए ताकि एक मास्क को बार बार धोकर न पहनना पड़े। केस 02 नीम चौराहा में किराए से रहने वाले अमरजीत पटेल बताते हैं कि वे mp के रीवा जिले के रहने वाले हैं। लॉक डाउन में उनके साथ छोटा भाई भी फंस गया है। बाजू में राशन दुकान है लेकिन राशन कार्ड न होने के कारण राशन नही मिलता। खुद के साथ साथ भाई का भी पेट भरना है तो ऐसे में उन्होंने गली गली सब्जी बेचने का काम जारी रखा है। कोरोना वायरस से बचने मास्क लगाते हैं लेकिन प्रशासन से राशन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1500 महीने का किराया भी देना पड़ता है।

Murari Soni Reporting
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