आधा सत्र बीत गया पर नहीं हुई जर्जर स्कूलों की मरम्मत

आधा सत्र बीत गया पर नहीं हुई जर्जर स्कूलों की मरम्मत

Anil Kumar Srivas | Publish: Nov, 10 2018 02:34:09 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

10 वीं-12वीं के स्कूलों में गिने-चुने स्कूल ही जर्जर हैं।

बिलासपुर. मरम्मत व देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुकी शासकीय शालाओं के मरम्मत का कार्य अभी तक शुरु नहीं हुआ है जबकि स्कूल खुले छह माह से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में छात्र अतिरिक्त कक्षों में बैठकर जैसे-तैसे पढ़ाई कर रहे हैं। जहां अतिरिक्त कक्ष नहीं हैं वहां शिफ्टों में पढ़ाई हो रही है। हालात ये हो गए हैं कि कुछ स्कूलों में एक कक्ष में तीन से चार कक्षाएं तक लगाई जाती हैं। इस सत्र में स्कूलों की मरम्मत और नए भवन के निर्माण कार्य न होने के पीछे चुनावी माहौल भी बताया जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी चुनाव में व्यस्त हैं और स्कूलों में व्यवस्थाएं बेपटरी हो रहीं हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 2414 प्राइमरी व मिडिल स्कूल हैं, जिसमें से 270 जर्जर हो चुके हैं और इनमें 72 स्कूल भ्भवनों को धरासायी करने के निर्देश है। वहीं 202 स्कूलों में नए भवन की जरुरत है। जिले के 91 स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों का अभाव बना हुआ है। केवल 145 हाईस्कूल व 141 हायर सेकेंडरी स्कूलों की हालत कुछ हद तक ठीक हैं। 10 वीं-12वीं के स्कूलों में गिने-चुने स्कूल ही जर्जर हैं।

विभागीय सूत्रों की माने तो जिले के सभी शासकीय स्कूलों में मरम्मत कार्य की सूची स्कूल खुलने से पहले ही बन गई थी। सूची को रायपुर स्कूल शिक्षा विभाग भेजा गया था, जहां से जर्जर स्कूलों में मरम्मत और नए भवन बनाने के लिए स्वीकृति भी मिली। स्वीकृति के बाद भी स्कूल भवन में सुधार कार्य नहीं किया जा रहा है। वहीं लंबे समय से छात्र अतिरिक्त कक्षों के भरोसे हैं। अधिकांश स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष भी नहीं हैं, लिहाजा एक कक्षा में अन्य कक्षाएं भी लगानी पड़ रहीं हैं। वहीं चुनाव के समय में जिला शिक्षा अधिकारी आरएन हीराधर स्कूल कार्य व चुनावी कार्य में संतुलन नहीं बना पा रहे हैं। अधिकारी की लापरवाही का खामियाजा स्कूली बच्चों को उठाना पड़ रहा है।
जल्द किया जाएगा मरम्मत कार्य : चुनाव की व्यस्तता के चलते विभागीय कार्य प्रभावित हैं, जल्द ही स्कूलों की मरम्मत कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
अजय कौशिक, सहायक शिक्षा संचालक बिलासपुर

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