पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व विभाग ने किया अवैध घोषित

राजस्व पटवारी संघ की प्रमुख मांगों में भुइयां सॉफ्टवेयर की समस्या दूर करते हुए संसाधन मुहैया कराई जाए। वरिष्ठता के आधार पर जिनकी उम्र 45 वर्ष या सेवाकाल 20 वर्षों से अधिक हो चुका हो उनको राजस्व निरीक्षक के पद पर सीधे पदोन्नत किया जाए ।

By: Karunakant Chaubey

Published: 16 Dec 2020, 03:45 PM IST

बिलासपुर. भुइयां सॉफ्टवेयर की समस्या दूर करने समेत संसाधन उपलब्ध कराने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व पटवारी संघ के आव्हान पर जिले के पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। पटवारियों ने नेहरू चौक पर धरना दिया। दूसरी तरफ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव रीता शांडिल्य ने हड़ताल में शामिल होने वाले सभी पटवारियों के 'बे्रक-इन-सर्विस' करने का आदेश जारी किया है।

राजस्व पटवारी संघ की प्रमुख मांगों में भुइयां सॉफ्टवेयर की समस्या दूर करते हुए संसाधन मुहैया कराई जाए। वरिष्ठता के आधार पर जिनकी उम्र 45 वर्ष या सेवाकाल 20 वर्षों से अधिक हो चुका हो उनको राजस्व निरीक्षक के पद पर सीधे पदोन्नत किया जाए ।

राजस्व निरीक्षक के कुल पदों का 50 प्रतिशत पद पर वरिष्ठता के आधार पर पटवारियों को पदोन्नत किया जाए । शासन से स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किया जावे ताकि जब तक विभागीय जांच पूर्ण ना हो जाए तब तक किसी भी पटवारी पर एफआईआर दर्ज ना हो । बढ़ती हुई महंगाई को देखते हुए फिक्स टीए प्रतिमाह 1 हजार रुपए किया जाए । स्टेश्नरी भत्ता 1 हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाए एवं प्रतिवर्ष बढ़ाया जाए । साथ ही पटवारियों को अपना कार्य संपादन करने के लिए कार्यालय के किराए का भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ।

नक्सल प्रभावित जिलों में कार्यरत पटवारियों को नक्सल भत्ता प्रदान किया जाए । मुख्यालय निवास की बाध्यता समाप्त हो । अतिरिक्त हल्के के प्रभार के लिए पटवारियों के मूल वेतन का 50 प्रतिशत राशि अतिरिक्त भत्ता के रूप में दिया जाए ।

आंदोलन का नेतृत्व प्रमुख रूप से राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्ष देव कश्यप, प्रांतीय मीडिया प्रभारी आलोक तिवारी, रूपेश गुरूद्वान, सचिव सीताराम बंजारा,कोषाध्यक्ष प्रशांत वर्मा, बिलासपुर तहसील अध्यक्ष अशोक ध्रुव, तखतपुर तहसील के अध्यक्ष प्रमोद टंडर, कोटा तहसील अध्यक्ष भागीरथी बंजारे, मस्तूरी तहसील अध्यक्ष अभिनव गिरी, बिल्हा तहसील संघ के अध्यक्ष शिरीन अख्तर आदि शामिल है।

आप,जकांछ का समर्थन

पटवारियों की मांगों को आप एवंं जकांछ ने जायज ठहराया है। दोनों दलों के प्रतिनिधि पटवारियों के धरना आंदोलन में शामिल हुए ।

हड़ताल अवैधानिक घोषित

राजस्व आपदा प्रबंधन सचिव रीता शांडिल्य ने पटवारियों की हड़ताल को अवैधानिक घोषित किया है। सचिव ने सभी कलेक्टर को भेजे गए पत्र में कहा कि हड़ताल में शामिल होने वाले पटवारियों के बे्रक-इन -सर्विस के आदेश दिए गए हैं।

232 में 197 हड़ताल पर

जिले में पटवारियों के 259 पद स्वीकृत है। वर्तमान में जिले में 232 पटवारी कार्यरत हैं। इनमें से 197 पटवारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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