सांसदों के टिकट कटने से डेमेज कंट्रोल के बाद संघ कर रहा मोदी को फिर पीएम बनाने की रणनीति पर काम

0 टिकट कटने से नाराज सांसदों और कार्यकर्ताओं के क्रियाकलापों पर रायपुर में चर्चा

By: Amil Shrivas

Published: 10 Apr 2019, 08:03 PM IST

बिलासपुर. सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का दावा करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नरेंद्र मोदी को दोबारा देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए नेतृत्व देने कमान संभाल ली है। टिकट कटने के बाद नाराज सांसदों और कार्यकर्ताओं को मनाकर डेमेज कंट्रोल का कार्य करने वाले संघीय नेताओं ने पूरा जोर बस्तर में लगाया है, जहां से विगत दिनों हुए चुनाव में भाजपा को 12 में से केवल 1 सीट ही मिली है।

राजधानी में गत रविवार को हुए संघ की बैठक में आरएसएस के प्रचारक और असम के प्रभारी विजय देवांगन, प्रेम सिदार, बिसराराम यादव ने प्रदेश के प्रमुख संघ नेताओं की बैठक लेकर डेमेज कंट्रोल के तहत अभी तक किए गए कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि टिकट कटने के बाद नाराज सांसदों और कार्यकर्ताओं को मनाने के बाद उनका ब्रेनवॉश कर उन्हें पार्टी के कार्य में लगाया गया है। उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है इसके अलावा सभी विधानसभाओं में अलग-अलग प्रचारकों को भेजकर स्थिति का आंकलन कराया जा रहा है कि क्या माहौल है।

संघ के नेताओं ने पार्टी के चुनिंदा नेताओं की मौजूदगी में की गई बैठक में इस बात को लेकर समन्वय बनाने की कोशिश की कि कहां, किस नेता और कार्यकर्ता की जरूरत है, ताकि जहां जिसकी जरूरत हो वहां उसे लगाया जा सके।

जोर बस्तर पर - प्रदेश में सरकार होते हुए भी बस्तर में पार्टी की हुई करारी हार को लेकर चिंतन करते हुए सभी ने अभी पूरा जोर बस्तर में लगा रखा है। अभी सारी गतिविधियां बस्तर से ही संचालित हो रही हैं। गुरुवार को यहां मतदान के बाद पूरी टीम को वहां से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कराया जाएगा।

गौरतलब है कि बस्तर के 12 विधानसभा सीटों में से 11 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, भाजपा को यहां से केवल 1 सीट ही मिली थी। यही वजह है कि संघ ने अपना पूरा जोर बस्तर पर लगा रखा है।

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