दुष्कर्म पीडि़ता को लेकर घंटों भटकती रही सिरगिट्टी पुलिस, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने की टालमटोल, नहीं हो सका मुलाहिजा

दुष्कर्म पीडि़ता को लेकर घंटों भटकती रही सिरगिट्टी पुलिस, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने की टालमटोल, नहीं हो सका मुलाहिजा
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Kajal Kiran Kashyap | Updated: 16 Jun 2017, 11:46:00 PM (IST) bilaspur

सिविल सर्जन के निर्देश पर भी नहीं हुआ नाबालिग का मुलाहिजा

बिलासपुर. सिरगिट्टी पुलिस नाबालिग दुष्कर्म पीडि़ता को लेकर शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंची। लेबर ओटी में एक महिला डॉक्टर  ने यह कहकर टाल दिया, कि दूसरे शिफ्ट में आने वाली डाक्टर मुलाहिजा करेंगी।

वहीं दूसरी डॉक्टर ने ये कहते हुए मुलाहिजा नहीं किया, कि पहले वाली ड्यूटी डॉक्टर का काम था। मामला सिविल सर्जन तक पहुंचा। उन्होंने निर्देश दिए, लेकिन इसके बाद भी रात तक पीडि़ता का मुलाहिजा नहीं हो सका।

दिसंबर 2016 में सिरगिट्टी थानांतर्गत मन्नाडोल निवासी एक नाबालिग लड़की का अपहरण हो गया था। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच की। हाल में ही पीडि़ता को रायगढ़ से बरामद किया गया। युवक ने उसे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया था। पीडि़ता का मुलाहिजा कराने पुलिस कर्मी शुक्रवार रात 8 बजे जिला अस्पताल पहुंचे।

इस समय लेबर वार्ड में डॉ. वंदना  चौधरी की ड्यूटी थी। उन्होंने जांच करने से इनकार करते हुए ये कह दिया, कि रात 9 बजे से दूसरे शिफ्ट में ड्यूटी पर आने वाली डॉ. रीना शेन्डे मुलाहिजा करेंगी। रात 9 बजे डॉ. रीना शेन्डे पहुंचीं। पुलिस कर्मी नाबालिग पीडि़ता को लेकर पहुंचे, तो उन्होंने ये कह दिया कि रात 8 बजे तक डॉ. वंदना की ड़्यूटी थी, इसलिए वही मुलाहिजा करेंगी।

पुलिस कर्मियों ने इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉ. एसएस बाजपेयी को दी। सिविल सर्जन ने  लेबर वार्ड में कॉल करके पीडि़ता का तत्काल मुलाहिजा करने के निर्देश दिए। लेकिन सिविल सर्जन के आदेश को दरकिनार कर डॉ. शेंडे खाना खाने की बात कहकर अस्पताल से चली गईं। देर रात तक पुलिस कर्मी पीडि़ता को लेकर अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार करते रहे।

2 बजे ड्यूटी, पहुंचीं 5 बजे: डॉ. वंदना की ड्यूटी दोपहर 2 बजे थी। लेकिन वह शाम 5 बजे पहुंचीं। 3 घंटे ड़्यूटी के बाद एक घंटे पहले घर चली गईं। वहीं डॉ. वंदना द्वारा पूर्व में भी  मुलाहिजा नहीं करने पर अस्पताल में लोगों ने हंगामा किया था।

जांच के आदेश दिए गए
&मुलाहिजा करने में दो डॉक्टरों द्वारा लापरवाही बरतने की जानकारी मिलने पर तत्काल जांच के आदेश दिए गए थे। ड्यूटी पर होने के बाद भी मुलाहिजा से इनकार करने और दूसरे शिफ्ट की ड्यूटी वाले डॉक्टर पर काम छोड़कर जाना गलत है। निर्देश के बाद भी  जांच करने के बजाय अस्पताल से चले जाना घोर लापरवाही है। दोनों डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
डॉ. एसएस बाजपेयी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल

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