सूर्य के उत्तरायण का पर्व संक्रांति आज व कल दो दिन, होगा पुण्यकारी व शुभ

Amil Shrivas

Publish: Jan, 14 2018 12:52:35 (IST)

Bilaspur, Chhattisgarh, India
सूर्य के उत्तरायण का पर्व संक्रांति आज व कल दो दिन, होगा पुण्यकारी व शुभ

स्नान दान का विशेष महत्व, बांटे जाएंगे तिल और गुड़ के लड्डू अलग-अलग पंचाग के कारण दो दिन मनाएंगे संक्रांति

बिलासपुर . सूर्य के उत्तरायण का पर्व मकर संक्रांति सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश होने पर मनाया जाता है। इस बार सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश की तिथि को लेकर उलझन की स्थिति बन रही है। इसके चलते यह त्योहार रविवार व सोमवार को दो दिन मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक पुण्यकाल की तिथि दोनों ही दिन बन रही है, इसके चलते लोग इसे 14 व 15 जनवरी दो दिन मना सकेंगे। यह बुराईयों पर अच्छाइयों की जीत व नकारात्मकता को खत्म करने का त्योहार भी है। मकर संक्रांति का त्योहार ज्यादातर 14 जनवरी को मनाया जाता है। जिसके बाद मकर राशि में प्रवेश करते ही सूर्य भगवान की उत्तरायण गति आरम्भ हो जाती है। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद डॉ.उद्धव श्याम केसरी ने बताया कि भागवत गीता में कहा गया है कि 6 महीने दक्षिणायन के व 6 महीने उत्तरायण के होते हैं। उत्तरायण को देवताओं का दिन माना गया है व दक्षिणायन को रात। इसलिए उत्तरायण में देह त्यागने वाला मनुष्य भगवान श्री कृष्ण के धाम को जाता है। महाभारत में भीष्म पितामह ने भी इसी दिन देह त्याग किया था। माता यशोदा ने श्री कृष्ण को पुत्र रूप में पाने के लिए इस दिन व्रत किया था।

 

स्नान दान का विशेष महत्व : मकर संक्रांति पर स्नान दान व तप का विशेष महत्व है। इस दिन शुभ मुहूर्त में किए गए दान का कई हजार गुणा फल मिलता है। मकर संक्रांति पर तिल के दान का विशेष महत्व है। पूरे देश में तिल से बने व्यंजनों का भगवान को भोग चढ़ाया जाता है व तिल का दान देना उत्तम होता है।
कष्टों से मिलती है मुक्ति : पवित्र माघ मास में जो व्यक्ति नित्य भगवान विष्णु की तिल से पूजा करता है उसके सारे कष्ट कट जाते हैं। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है साथ ही पूजा में तिल की मिठाई व लड्डू का भोग लगाया जाता है। इस दिन प्रात: स्नान कर सूर्य उदय के दर्शन करते हुए उनकी पूजा की जाती है।
व्यंकटेश मंदिर में १५ को मनेगी संक्रांति : शहर के श्री व्यंकटेश मंदिर में मकर संक्रांति का पर्व १५ जनवरी को मनाया जाएगा। सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद लड्डुओं का भोग अर्पित कर प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

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