एसईसीएल प्रबंधन ने आज व कल होने वाली श्रम संगठनों की हड़ताल को बताया गैरकानूनी कहा कि काम नहीं तो वेतन नहीं का फार्मूला होगा लागू

एसईसीएल सीएमडी ने हड़ताल वापस लेने की अपील की

By: Amil Shrivas

Updated: 07 Jan 2019, 05:33 PM IST

बिलासपुर. केन्द्रीय श्रम संगठनों द्वारा राष्ट्रीय स्तर की मांगों के संदर्भ में संयुक्त रूप से 8 एवं 9 जनवरी को प्रस्तावित दो दिवसीय आम हड़ताल के परिप्रेक्ष्य में एसईसीएल प्रबंधन ने कंपनी संचालन समिति की बैठक बुलाई। एसईसीएल के सीएमडी एपी पंडा की ओर से आहूत इस बैठक में सभी श्रम संगठनों से देश की ऊर्जा आपूर्ति की आवश्यकताओं के मद्देनजर प्रस्तावित हड़ताल को वापस लेने की अपील की गई। उक्त बैठक में संचालन समिति के विभिन्न श्रमसंघों यथा एटक, सीटू, बीएमएस, एचएमएस तथा सीएमओएआई के प्रतिनिधियों के साथ एसईसीएल निदेशक मण्डल एवं शीर्ष प्रबंधन की बातचीत हुई।
श्रमसंघों द्वारा प्रस्तावित इस हड़ताल के आलोक में एसईसीएल के सीएमडी द्वारा लिखित अपील जारी कर भी हड़ताल में शामिल न होने का आह्वान किया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के प्रावधानों के अंतर्गत जानकारी क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केन्द्रीय), बिलासपुर को दी गई है तथा प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में संराधन प्रक्रियाधीन है।
उक्त में यह भी बताया गया है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 में एसईसीएल का उत्पादन लक्ष्य 167 मिलियन टन एवं प्रेषण लक्ष्य 170.5 मिलियन टन है तथा अपने उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वर्तमान रफ्तार में और गति लाने की आवश्यकता है ताकि एसईसीएल निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर कोयला उद्योग में अपना वर्चस्व बरकरार रख सकें। साथ ही प्रस्तावित हड़ताल उक्त श्रमिक संघों द्वारा प्रेषित सूचना संराधन की प्रक्रिया के अधीन है। ऐसी स्थिति में हड़ताल करना अनुचित एवं गैर-काूननी होगा तथा इसमें भाग लेने की स्थिति में Óकाम नही ंतो वेतन नहींÓ के सिद्धांत के आधार पर वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही अन्य कार्यवाईयां भी की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कोयला उद्योग में कार्यरत श्रमिकों का हड़ताल पर जाना न तो मजदूर हित में है, न कंपनी हित और न ही देश हित में है। इसके अलावा एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में श्रमसंघ प्रतिनिधियों एवं जेसीसी के साथ बैठक कर दो दिवसीय हड़ताल संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा जा रहा है तथा प्रबंधन के साथ मिलकर कोयला उत्पादन एवं प्रेषण की गति अबाधित रखने की अपील की जा रही है।
उधर आंदोलन का फैसला लेने वाले संयुक्त श्रम संगठनों ने हड़ताल वापस लेने से इनकार किया है।

Amil Shrivas
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned