बिलासपुर. शहर की सिमरन पुजारा ने स्पेशल ओलंपिक एथलीट ट्रेनिंग में शहर का प्रतिनिधित्व किया। स्पेशल बच्चों के लिए आयोजित किए जाने वाले ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले बच्चों को ट्रेनिंग दी गयी। बच्चों को हेल्थ, फूड, स्पोट्र्स व लोगों से मिलने व उनसे बात करने जैसी अलग-अलग एक्टिविटी के विषय में बताया गया। उन्हें उसके लिए तैयार भी किया गया। इस ट्रेनिंग में शामिल होकर सिमरन पुजारा ने अचीवमेंट हासिल करने के साथ ही साथ शहर का नाम रोशन किया। दिल्ली में 21 से 24 फरवरी तक स्पेशल ओलंपिक्स भारत द्वारा एथलीट लीडरशिप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था मानसिक दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोडऩा। स्पेशल ओलंपिक्स मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए चलाई जाती है। यह कार्यक्रम साल भर होते हैं। इसमें 8 वर्ष व 8 वर्ष से अधिक उम्र के मानसिक दिव्यांग इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं। यह कार्यक्रम भारत के सभी राज्य में होता है। इसमें सिमरन पुजारा को एथलीट के तौर पर कैसे और क्या करना है ? इन सब की जानकारी दी गई। चार दिनों तक अलग-अलग पहलू से अवगत कराते हुए ट्रेनिंग दी गयी। सिमरन अपनी शिक्षिका जी रमा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुईं।

दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा
सिमरन स्पेशल बच्चों के लिए प्रेरणा बन रही है। वह हर तरह के एक्टिविटी में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर रही है। सिमरन की मम्मी कविता पुजारा व पिता ललित पुजारा प्रेरित भी करते हैं।

कोरबा में है मुख्यालय
स्पेशल ओलंपिक्स भारत छत्तीसगढ़ का मुख्यालय कोरबा जिले में है। जिसके अध्यक्ष दीपक कुलकर्णी, क्षेत्रीय निर्देशक अरुंधती कुलकर्णी, प्रोग्राम मैनेजर दिनेश चौहान, खेल निर्देशक एनके तिवारी है।

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