पिता को बोलकर निकला जा रहा हूं नौकरी की तलाश में, रात को मायूस होकर ट्रैक पर रख दिया सिर

- सुबह जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो घर में मातम छा गया। मृतक की तीन बेटियां, पत्नी व रिटायर्ड लकवाग्रस्त पिता की जिम्मेदारी थी।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 20 Sep 2020, 11:13 PM IST

बिलासपुर. रिटायर व लकवाग्रस्त बुजुर्ग पिता को नौकरी की तलाश में बिलासपुर जाने की बात कह निकले बेटे ने नौकरी न मिलने से परेशान होकर रेलवे ट्रैक पर सिर रख आत्म हत्या कर ली। मृतक कोरोना संक्रमण काल से पहले रेलवे में ही सफाई कर्मचारी था। सुबह जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो घर में मातम छा गया। मृतक की तीन बेटियां, पत्नी व रिटायर्ड लकवाग्रस्त पिता की जिम्मेदारी थी।

जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की रात करीब 10 बजे सूचना मिली कि उसलापुर रेलवे के बिलासुपर एंड पर एक व्यक्ति की लाश पड़ी है। मृतक के सिर से ट्रेन गुजरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक सफेद रंग की शर्ट व कत्थे कलर की पैंट पहने हुए था। वहीं कंधे पर एक काला बैग था। रात में मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव को सुरक्षा के लिहाज से जिला चिकित्सालय लेकर पहुंची लेकिन शव को चीर घर के कर्मचारियों ने कोरोना की वजह से लेने से इंकार कर दिया व शव को सिम्स भेज दिया। सिम्स में शव रात भर रखा रहा। मृतक के जेब से मिली डायरी में कुछ मोबाइल नम्बर लिखे थे। रेलवे पुलिस ने उन नम्बर पर फोन किया तो पता मृतक मुंगेली के धरमपुरा का रहने वाला संतोष कुमार पिता हिनक्षा निर्मलकर (४५) बताया गया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि हाल ही में हिनक्षा निर्मलकर शिक्षा विभाग से रिटायर्ड हुए हैं जिन्हें लकवा मारने की वजह से वह ठीक से बोल भी नहीं पाते। परिजन पहुंचे और शव की शिनाख्त की। जीआरपी ने पोस्ट मार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

कोरोना की वजह से छीन गई थी नौकरी
मृतक संतोष कुमार निर्मलकर उसलापुर रेलवे स्टेशन में सफाई कर्मचारी था। कोरोना काल में काम न होने की बात कह जिन्हें निकाला गया उनमें संतोष भी शामिल था। 7 माह से बेरोजगारी की मार झेल रहे संतोष के ऊपर तीन बेटियों, पत्नी व बूढ़े पिता के पालन पोषण का भार था क्योंकि पिता के रिटायर्ड होने के बाद संतोष ही घर में अकेला कमाने वाला था।

पेंशन शुरू न होने से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार
मृतक संतोष के परिजनों ने जीआरपी को बताया कि संतोष अपने पिता का एकलौता संतान था। पिता के रिटायर्ड होने व लकवा मारने के बाद वह काफी परेशान रहने लगा था। पिता की पेंशन शुरू नहीं हुई थी। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। शायद इसी कारण संतोष ने आत्म हत्या कर ली।

बैग में पुलिस को मिला पेपर
जीआरपी ने बताया कि मृतक संतोष कुमार निर्मलकर के बैग में शनिवार का अखबार था। शायद वह पेपर में छपे विज्ञापन के आधार पर नौकरी खोजने निकला था। धुरीपारा मंगला में मृतक के रिश्तेदार रहते थे।

Bhupesh Tripathi
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