अब सारी झंझटें हुईं खत्म, जन्म लेते ही बच्चे का जारी हो जाएगा स्थायी जाति प्रमाण पत्र

प्रदेश में अब अस्थायी जाति प्रमाण पत्र से स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के झंझट से लोगों को मुक्ति मिलने वाली है।

By: Murari Soni

Published: 07 Jul 2019, 11:38 AM IST

बिलासपुर. प्रदेश में अब अस्थायी जाति प्रमाण पत्र से स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के झंझट से लोगों को मुक्ति मिलने वाली है। प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों में नवजात शिशुओं के जन्म के साथ उनका स्थायी जाति प्रमाण पत्र बन जाएगा।
राज्य शासन के आदेश पर प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमल प्रीत सिंह ने प्रदेश के कलेक्टरों को आदेश जारी किया है। आदेश के साथ नवजात के स्थायी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन के प्रारूप भी भेज दिए गए हैं। आदेश में सचिव कमलप्रीत ने कलेक्टरों से कहा है कि वर्तमान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासियों के जाति प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारियों द्वारा छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन )अधिनियत 2013 के प्रवाधानों के तहत जारी किए जा रहे हैं।

राज्य शासन ने निर्णय लेते हुए तीनों जाति वर्ग के व्यक्तियों के परिवार में शिशुओं के जन्म के बाद उनके पिता की जाति के आधार पर नवजात शिशुओ का जाति प्रमाण पत्र भी निर्धारित प्रारूप में समक्ष अधिकारी द्वारा जारी किए जाएं।

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कौन करेगा इसकी जांचï?
शिशुओं के जन्म के संबंध में सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र की मूल प्रति, पिता के जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति की जांच सक्षम अधिकारी करेंगे।
कौन कर सकता है आवेदन?
नए आदेश के अनुसार शिशुओं के जाति प्रमाण पत्र के लिए उसके पिता-माता व वैध पालको द्वारा शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन किया जाए।
क्या इसका प्रारूप है ?
जी हां, जातिप्रताण पत्र जारी करने के लिए शिशु के पिता की जाति के संबंध में वर्ष 2006 के बाद समक्ष प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जाति प्रमाण पत्र भी निर्धारित प्रारूप में जारी किए जाएंगे। वर्ष 2006 के पूर्व समक्ष प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र समुचित सत्यापन के बाद शिशुओं के जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
माता या पिता किसकी जाति है मान्य?
जारी आदेश के अनुसार पिता की जाति के आधार पर शिशुओं के जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। शिशुओं को जारी किए जाने जाने ावले जाति प्रमाण पत्र में अंकित उसके पिता के नाम परिवरिर्तत की स्थिति में निर्धारित प्रकिय के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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आसान है प्रारूप के तहत आवेदन करना
राज्य शासन द्वारा शिशुओं के जाति प्रमाण पत्र के लिए जारी किया गया प्रारूप के तहत आवेदन करना आसान है। सक्षम अधिकारी के समक्ष नवजात शिशु के पिता अपनी व नवजात शिशु की पूरी जानकारी, अस्थायी व स्थायी पते की जानकारी,शिशु के जन्म की तारीख, जन्म प्रमाण पत्र व पिता के जाति प्रताण पत्र की छायाप्रति के संलग्न कर किया जा सकता है। इसके साथ ही आवेदन में पालक द्वारा शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना जरूरी है।

वर्तमान व्यवस्था में कैसे छूटता है पसीना
वर्तमान में तीनों वर्ग के व्यक्तियों को अपने बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। पिता के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर पहले पटवारी प्रतिवेदन बनवाना पड़ता है इसके बाद सक्षम अधिकारी के समक्ष अस्थायी जाति प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करना पड़ा है। आवेदन के साथ सन 1960 के पूर्व की संपत्ति के दस्तावेज, पिता का स्कूल से दाखिल खारिज और वंश वृद्ध संलग्न करना पड़ता है। अस्थायी जाति प्रमाण पत्र 6 महीने के वैध होते हैं। इसी अवधि में पालको को अपने बच्चों का स्थायी जाति प्रमाण पत्र के लिए फिर से एसडीएम (अनुविभागीय दंडाधिकारी) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना पड़ा है।
स्थायी जाति प्रमाण पत्र का वेरिफिकेशन आदिम जाति विकास विभाग द्वारा कराने के लिए पालको को सन पूरे दस्तावेजों के साथ फिर से आवेदन करना पड़ता है। यहां से जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन होने और हरीझंडी मिलने पर स्थायी जाति प्रमाण पत्र मान्य किए जाते हैं।

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