ऊपर से नहीं आया था बुलावा और युवक देने चला था जान, जहर पीकर देख लिया, फांसी पर झूल गया लेकिन...

ऊपर से नहीं आया था बुलावा और युवक देने चला था जान, जहर पीकर देख लिया, फांसी पर झूल गया लेकिन...

Murari Soni | Updated: 13 Aug 2019, 08:21:41 PM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

Suicide case in Bilaspur: एक हताश और निराश युवक ने मौत(suicide case today)को गले लगाने की लाख कोशिशें की लेकिन मौत(suicide case law) है कि आई ही नहीं और उसे बचा लिया गया(suicide case in india)।

बिलासपुर. ( suicide case in Bilaspur)जब तक भगवान की इच्छा न हो तब तक न तो कोई मर सकता है और न ही कोई जीवित(young man hanged) रह सकता है। ऐसा ही एक मामला बिलासपुर(crime in bilaspur) में सामने आया है, जहां एक हताश और निराश युवक ने मौत(suicide case in india)को गले लगाने की लाख कोशिशें की लेकिन मौत है कि आई ही नहीं और उसे बचा लिया गया।

दरअसल लेरमी निवासी वीरेंद्र राजपूत पिता नर्मदा प्रसाद उम्र 35 वर्ष ठेकेदारी का काम करता था। कुछ दिनों से वह परेशान चल रहा था। हताश युवक घर में किसी से बात भी नहीं कर रहा था। रविवार की शाम वीरेंद्र ने घर में रखा कीटनाशक पी लिया और आत्महत्या की कोशिश की।

कीटनाशक के बाद वह अपने कमरे में गया फिर उसने फांसी लगाकर मौत को जल्दी बुलाने की कोशिश की लेकिन कहते हैं कि जब तक ऊपर वाले की इच्छा न हो तो पत्ता भी नहीं हिलता। ऐसा ही चमत्कार इस युवक के साथ भी हुआ। जैसे ही युवक ने फांसी लगाई तो आवाज सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंच गए और उसे फंासी से नीचे उतार लिया गया।

हालाकि युवक मौके पर बेहोश हो गया। आनन-फानन में उसे सिम्स लाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की माने तो मरीज की हालत स्थिर है। सांसे(Suicide case in Bilaspur) चल रहीं हैं लेकिन बेहोशी छायी हुई है।

 

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