30 मिनट से अधिक गाड़ी रोकने पर होंगे सस्पेंड, जाने क्या है फरमान

इस पर सीधी कार्रवाई होगी और संबंधित अधिकारी सस्पेंड भी होगा।

By: Amil Shrivas

Published: 16 May 2018, 01:41 PM IST

बिलासपुर . जीएसटी विभाग के नए फरमान से एक से दूसरे राज्य में माल का परिवहन करने वाले ट्रंसपोर्टरों को बड़ी राहत मिली है। जांच के नाम पर गाडिय़ों को घंटों और कभी-कभी कई दिनों तक रोकने के दिन अब गए। अब यदि किसी ने 30 मिनट से अधिक देर तक माल से भरे वाहन को रोका, तो इसकी पूरी जानकारी जीएसटी पोर्टल पर देनी होगी। अगर जांच अधिकारियों ने पोर्टल पर जानकारी डालने में आनाकानी की, तो आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से जीएसटी के हेल्प डेस्क से लेकर वेब पोर्टल या सीधे आयुक्त से शिकायत कर सकते हैं। इस पर सीधी कार्रवाई होगी और संबंधित अधिकारी सस्पेंड भी होगा। पिछले दिनों ही दुर्ग में एक मामला सामने आया, जब जांच के नाम पर जीएसटी अधिकारी ने माल से भरे ट्रक को घंटों रोककर रखा और छोडऩे के एवज में पैसे मांगे। ट्रंसपोर्टर ने मामले की सीधी शिकायत मौके से ही जीएसटी के पोर्टल पर कर दी। शिकायत सही पाए जाने पर आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया। जीएसटी विभाग के इस नए फैसले पर व्यापारियों से लेकर ट्रांसपोर्टरों ने खुशी जताते हुए कहा है, कि इस सिस्टम के शुरू होने से माल के समय पर पहुंचने की संभावना शत-प्रतिशत रहेगी। उनका कहना है कि ये बात किसी से छिपी नहीं है कि दस्तावेज जांचने के नाम पर ट्रकों को रोककर जबरन उगाही की जाती है, और परेशान किया जाता है। लेकिन ये व्यवस्था शुरू होने से अब परेशानी से निजात मिलेगी।

30 मिनट से ज्यादा रोका तो देनी होगी पोर्टल पर जानकारी : जीएसटी विभाग के नए प्रावधान के अनुसार ,इंटर स्टेट परिवहन के लिए गाडिय़ों को अब दस्तावेज जांच के नाम पर 30 मिनट से अधिक नहीं रोक सकते। अगर रोका तो पोर्टल पर जानकारी देनी होगी। यह बताना होगा, कि किस कारण से गाड़ी को रोका गया है, और इसे कितनी देर में छोड़ा जाएगा। यदि रोका है, तो इसका उचित कारण होना चाहिए। गाड़ी में अगर ईवे बिल से अधिक का माल लदा है तो पेनाल्टी लगाएं और गाड़ी को जाने दें। किसी भी परिस्थिति में गाड़ी रोकने को प्रतिबंधित किया गया है।
कौन करेगा जांच : जीएसटी विभाग के राज्य कर सहायक अधिकारी से लेकर उपायुक्त स्तर के अधिकारियों को वाहनों की जांच ड्यूटी में लगाया गया है। इन अधिकारियों को बिल, बिल्टी चालान से लेकर वाहन के दस्तावेज जांचने के अधिकार दिए गए हैं। इसके लिए अधिकतम समय सीमा 30 मिनट तय की गई है। अगर अधिकारियों को लगता है कि जांच में 30 मिनट से अधिक का वक्त लगेगा, तो पोर्टल पर जानकारी देनी अनिवार्य होगा।

इंटर स्टेट वाहनों की जांच के लिए दिए गए उपकरण : अन्य राज्यों से माल का परिवहन कर रहे वाहनों की जांच के लिए जीएसटी विभाग ने अधिकारियों को बार कोड मशीन उपलब्ध कराया है। इस मशीन से जीएसटी के पोर्टल पर जाकर इस बात की जांच की जा सकती है कि ईवे बिल किस तारीख को जेनरेट किया गया है, और चालान किस माल के लिए बनाए गए हैं, माल की कीमत कितनी है। अगर फर्जी बिल बनाया गया है तो पोर्टल पर किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिलेगी। इस पर विभाग के अधिकारी कार्रवाई कर सकेंगे।
रोकी जा सकेगी हेराफेरी : इस व्यवस्था के शुरू होने से माल का समय पर पहुंचना सुनिश्चित होगा। अधिकारी माल वाहन को 30 मिनट से अधिक देर तक नहीं रोक सकेंगे। अगर ऐसा किया तो उन्हें पोर्टल पर जानकारी देनी होगी। इससे सभी प्रकार की हेराफेरी रोकी जा सकेगी।
तोरणलाल ध्रुव, ज्वाइंट कमिश्नर, जीएसटी, बिलासपुर

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