घपले के लिए चुना सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद का समय, खाद्य निरीक्षक निलंबित

तीन माह तक राशन वितरण नहीं किया, सिर्फ टेबलेट में फर्जी इंट्री करते रहे, राज्य मुख्यालय से आई जांच टीम ने पकड़ी चोरी, ग्राम पंचायत घोंघाडीह के सरपंच,

By: Amil Shrivas

Published: 10 Feb 2018, 12:43 PM IST

बिलासपुर . घपलेबाजों ने तीन माह तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न वितरण नहीं किया। मृत और चार सौ से अधिक राशन कार्डधारियों के नाम फर्जी तौर पर ऑनलाइन वितरण की एंट्री करते रहे। ऑनलाइन घपलेबाजी करने के लिए सूर्योदय के पहले और सूर्यास्त के बाद समय चुना गया था। जांच समिति ने इसी के आधार पर सरपंच-सचिव और दो सेल्समैनों की चोरी पकडऱ्ी। जांच रिपोर्ट की अनुशंसा पर कलेक्टर पी. दयानंद ने तखतपुर की खाद्य निरीक्षक सविता शर्मा को निलंबित कर दिया है। वहीं चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
यह मामला कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत घोंघाडीह स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान का है। इस घपलेबाजी में सरपंच सीताराम यादव, सचिव हरप्रसाद भास्कर, दुकान के विक्रेता ब्रजेश पोर्ते एवं दुर्गेश पोर्ते की संलिप्तता पाई गई। पता चला कि तीन माह तक गांव के लोगों को राशन ही नहीं दिया गया। बल्कि उनके राशन कार्ड को रखकर केवल घपलेबाजी और खाद्यान्न की अफरा तफरी की जाती रही। वर्ष २०१६ के नवंबर व दिसंबर माह और जनवरी २०१७ में तीन माह तक लोगों को पीडीएस का खाद्यान्न बांटभ ही नहीं गया।

तीन माह की फर्जी एंट्री: सरपंच, सचिव, दो सेल्समैन, सरपंच के भाई अजय व सुरेश यादव ने मिलकर ऑनलाइन टेबलेट पर फर्जी एंंट्री अपलोड कर दी। यह एंट्री सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद की जाती थी।

राज्य स्तरीय टीम की जांच में खुला मामला: तीन माह से पीडीएस से खाद्यान्न का वितरण नहीं होने की शिकायत खाद्य संचालनालय में की गई थी। इस पर जांच के लिए तीन सदस्यीय दल ग्राम पंचायत घोंघाडीह पहुंचा थाा।

१२ मृत व ४०० लोगों को फर्जी खाद्यान्न वितरण: जांच रिपोर्ट में पता चला कि गांव के १२ एेसे लोगों को भी खाद्यान्न बांट दिया गया, 6 माह या सालभ्भर पहले मृत्यु हो चुकी है। सरपंच सीतारा यादव, सचिव हरप्रसाद भास्कर और दोनों सेल्समैन ब्रजेश पोर्ते व दुर्गेश पोर्ते ने लगभग ४ सौ राशन कार्डों को जबरिया अपने पास रख लिया था। तीन माह की अवधि में ऑनलाइन टेबलेट में 80 फीसदी फर्जी एंट्री की गई थी।

पलायन करने वालों के नाम पर भी फर्जीवाड़ा: जांच समिति को एेसे भी तथ्य मिले, जिसमें कई परिवार गांव से रोजी-रोटी की तलाश में पलायन कर चुके थे। लेकिन उनके नाम पर बाकायदा चावल, गेहूं व केरोसीन का वितरण होना दर्शाया गया।

खाद्य निरीक्षक द्वारा पर्यवेक्षण न निरीक्षण: ग्राम पंचायत घोंघाडीह के राशन दुकान के पर्यवेक्षण और निरीक्षण का अधिकार खाद्य निरीक्षक सविता शर्मा के पास था। लेकिन खाद्य निरीक्षक ने कभी इस दुकान का निरीक्षण ही नहीं किया। निरीक्षण न करने के इसके एवज में हर महीने एक निश्चित राशि लेती रहीं।

अनुशंसा पर निलंबन: राज्य स्तरीय जांच टीम की रिपोर्ट की अनुंशसा पर तखतपुर ब्लॉक की खाद्य निरीक्षक सविता शर्मा को पिछले पखवाडे़ कलेक्टर पी. दयानंद ने निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय कोरिया जिला रखा गया है।

एफआईआर के आदेश: राज्य स्तरीय जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय के संचालक डोमनसिंह ने कलेक्टर को पत्र भेजा गया। इसमें ग्राम पंचायत घोंघाडीह के सरपंच सीताराम यादव, सचिव हरप्रसाद भास्कर, सेल्समैन ब्रजेश पोर्ते व दुर्गेश पोर्ते के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अनुशंसा की गई है। इस पत्र के आधार पर कलेक्टर ने चारों व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने खाद्य नियंत्रक को पत्र भेजा है।

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