scriptThe answer book could not be investigated, now the second consignment | उत्तरपुस्तिका की नहीं हो पाई जांच, अब पहुंची दूसरी खेप | Patrika News

उत्तरपुस्तिका की नहीं हो पाई जांच, अब पहुंची दूसरी खेप

शिक्षकों को १६ अपै्रल से पहले लगभग डेढ़ लाख उत्तरपुस्तिका की जांच की जानी है

बिलासपुर

Published: April 07, 2022 12:30:56 am

कोरबा. पहली खेप की उत्तरपुस्तिका की अभी जांच भी पूरी नहीं हुई थी। अब मूल्यांकन केंद्रों में दूसरी खेप की उत्तरपुस्तिका पहुंच गई है। अब शिक्षकों को १६ अपै्रल से पहले लगभग डेढ़ लाख उत्तरपुस्तिका की जांच की जानी है, लेकिन शिक्षकों की संख्या केंद्रों में नहीं बढ़ रही है। इस कारण मूल्यांकन कार्य में कोरबा काफी पिछड़ गया है। सीजी बोर्ड ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं की उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन के लिए जिले के साडा कन्या स्कूल व एनसीडीसी स्कूल में लगभग साढ़े तीन लाख उत्तरपुस्तिका पहुंच चुकी है। अभी तक पहली खेप में दो ३१ हजार से अधिक उत्तरपुस्तिकाएं थी। इसमें से दोनों केंद्रों को मिलाकर एक ४२ हजार ९६१ उत्तरपुस्तिका की ही जांच हो सकी है। शेष लगभग डेढ़ साल से अधिक कॉपियों की जांच नहीं हो सकी है। इसकी वजह मूल्यांकन केंद्र में शिक्षक व व्याख्याताओं की कमी को बताया जा है। दरअसल डीईओ के लगातार सख्त निर्देश के बाद भी प्राचार्य के द्वारा शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है। इस कारण संबंधित विषयों की कॉपियों की जांच में देरी हो रही है। कहीं न कहीं प्राचार्य मूल्यांकन कार्य को बाधित कर रहे हैं। डेढ़ लाख उत्तरपुस्तिकाओं की जांच अब 10 दिनों के भीतर यानी १६ अपै्रल से पहले जांच करना जिला शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है।
कार्यमुक्त नहीं करने वाले प्राचार्यो की बनेगी सूची : बताया जा रहा है कि सीजी बोर्ड के उत्तरपुस्किाओं की जांच कार्य महत्वपूर्ण कार्य है। इस कार्य को कुछ प्राचार्य के द्वारा शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं करने की वजह से बाधित हो रही है। अब शिक्षा विभाग ने मनमानी करने वाले प्राचार्य और मूल्यांकन कार्य के लिए केंद्र तक नहीं पहुंचने वाली शिक्षक व व्याख्याता सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद संबंधित प्राचार्य पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
डीईओ के दो बार आदेश के बाद भी अमल नहीं : मूल्यांकन का कार्य शुरू हुए लगभग एक पखवाड़ा बीत गया है। इस अवधि में जिला शिक्षा विभाग की ओर से प्रचार्यो को अब तक दो बार ओदश जारी किया जा चुका है। बावजूद इसके प्राचार्यो की मनमानी जारी है। इससे स्पष्ट है कि कुछ प्राचार्यो के द्वारा कुछ प्राचार्यो के द्वारा जानबूझकर मूल्यांकन कार्य को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तरपुस्तिका की जाच करते शिक्षक
उत्तरपुस्तिका की जाच करते शिक्षक

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