फैसला हुआ छह हजार का, आदेश जारी हो गया नौ हजार का, कोर्ट ने रद्द किया मेमो

bilaspur high court: मामला हाईकोर्ट में लगा कोर्ट ने सुनवाई कर जारी मेमो को रद्द कर फ्रेश मेमो जारी करने का आदेश दिया है।

बिलासपुर। भरण पोषण के मामले में जेएमएफसी की ओर से शिक्षक के वेतन खाते से प्रतिमाह छह हजार रुपए काटने का फैसला दिया गया। लेकिन उसके खाते से नौ हजार काटने का मेमो जारी हो गया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में लगा कोर्ट ने सुनवाई कर जारी मेमो को रद्द कर फ्रेश मेमो जारी करने का आदेश दिया है।
मामले में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जय प्रकाश शुक्ला ने बताया कि याचिकाकर्ता शमशेर मंसूरी पिता नसीरुद्दीन मंसूरी निवासी जिला सूरजपुर थाना जयनगर का भरणपोषण संबंधी मामला जेएमएफसी में लगा था। जहां से उसके वेतन से प्रतिमाह छह हजार रुपए उसके पत्नी के एकाउंट में अटैच करने का फैसला हुआ था। इसके बाद जब मेमो याचिकाकर्ता के कार्यस्थल यानि हाईस्कूल सोरंगा पहुंचा तो उसमें नौ हजार रुपए प्रतिमाह की बात सामने आई। ऐसे में प्राचार्य ने नौ हजार रुपए काटने शुरू कर दिया।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता जय प्रकाश शुक्ला के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस आरसीएस सामंत ने ये आदेश जारी किया कि मेमो को निरस्त किया जाए। साथ ही ये भी पूछा कि जब आदेश छह हजार रुपए प्रतिमाह काटने का था तो नौ हजार का ज्ञापन क्यों जारी किया गया ये समझ से परे है ओर विधिविरुद्ध है। ऐसे में कोर्ट ने फ्रेश मेमो जारी करने का आदेश दिया है।

JYANT KUMAR SINGH Desk
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