आंकड़े वर्ष 19 से मार्च 22 तक के उपलब्ध हैं। इसमें नई बात यह भी है कि वर्ष 21-22 में नया कर्जदार मंडल का नाम भी जुड़ गया है जो कि छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास निगम है जिसने 165.54 करोड़ का लोन लिया है। इन सभी कर्जों पर तीन प्रतिशत से लेकर साढ़े आठ प्रतिशत का ब्याज हर वर्ष चुकाया जा रहा है।
अंत्यावसायी को लेना पड़ा है 40 हजार का लोन
इस पूरे मामले में सबसे अजीब स्थिति छग अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम की है। यदि वर्ष 19 से 22 तक की बात की जाए तो इस निगम ने 13.324 करोड़ का लोन लिया है। इसमें वर्ष 21-22 में तो चालीस हजार रुपए का लोन पांच वर्ष के लिए डेढ़ प्रतिशत ब्याज पर लेना पड़ा है। ये लोन राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम से लिया गया है।
राज्य शहरी विकास अभिकरण
राज्य शहरी विकास अभिकरण ने दो वर्षों में 825 करोड़ का लोन एसबीआई से लिया है। इसमें पांच सौ करोड़ रुपए बीस वर्ष के लिए 8.44 से 7.99 प्रतिशत ब्याज की दर है जबकि 325 करोड़ रुपए बीस वर्ष के लिए 7.99 से 6.94 प्रतिशत ब्याज पर बीस वर्ष के लिए लिया गया है।
सीएसपीडीसीएल हर साल ले रहा लोन
सीएसपीडीसीएल ने वर्ष 19.20 में एक वर्ष के लिए 800 करोड़ का लोन लिया वर्ष 20-21 में फिर से एक वर्ष के लिए 800 करोड़ का लोन लिया इसके बाद वर्ष 21-22 में भी 800 करोड़ का लोन लिया।
सीएसपीडीसीएल ने वर्ष 19.20 में एक वर्ष के लिए 800 करोड़ का लोन लिया वर्ष 20-21 में फिर से एक वर्ष के लिए 800 करोड़ का लोन लिया इसके बाद वर्ष 21-22 में भी 800 करोड़ का लोन लिया।
विपणन की लोन से चल रही गाड़ी
छग विपणन सहकारी संघ ने वर्ष 19-20 में छह बैंक और नाबार्ड से कुल 9350 करोड़ का लोन लिया। 20-21 में 5100 करोड़ रुपए का लोन लिया जबकि 21-22 में 3350 करोड़ का लोन लिया गया। ये सभी लोन एक-एक वर्ष के लिए थे।
छग विपणन सहकारी संघ ने वर्ष 19-20 में छह बैंक और नाबार्ड से कुल 9350 करोड़ का लोन लिया। 20-21 में 5100 करोड़ रुपए का लोन लिया जबकि 21-22 में 3350 करोड़ का लोन लिया गया। ये सभी लोन एक-एक वर्ष के लिए थे।
छग गृह निर्माण मंडल
19-20 छग गृह निर्माण मंडल ने साढ़े 19 वर्ष के लिए 82.57 करोड़ का लोन लिया है। वहीं 20-21 में 106.72 करोड़ और 21-22 में मंडल ने 35.19 करोड़ फिर केनरा बैंक से साढ़े 19 वर्ष के लिए लिया।
ये भी कम नहीं, पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन
छग पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने 19-20 में 111 करोड़, 20-21 में 79.44 करोड़, 21-22 में 82.51 करोड़ का लोन लिया है। ये सभी 17-17 वर्ष के लिए हैं।
छत्तीसगढ़ रूरल हाउसिंग कार्पोरेशन
इस कार्पोरेशन ने 19-20 में 103.78 करोड़ का लोन 17 वर्ष व 20-21 में 792.44 करोड़ का लोन 15 वर्ष के लिए लिया है। नया नाम जुड़ा अधोसंरचना विकास निगम
इसने वर्ष 21-22 में 165.54 करोड़ रुपए 15 से 17 वर्ष के लिए चार अलग-अलग बैंको से लिए हैं।
एक्सपर्ट रिपेइंग केपेसिटी आवश्यक
प्रोफेसर, आलोक चक्रवाल, अर्थशास्त्री, कुलपति, जीजीयू
सरकार या सरकार की संस्था जनहित व विकास के कार्यों के लिए लोन लेती है। इसमें यह आवश्यक होता है कि लोन की जरूरत और उसका ब्याज दर क्या है, क्योंकि इसका अल्टीमेट बोझ जनता पर ही आता है। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है लोन को समय पर चुकाना है । आज श्रीलंका की स्थिति इस बात का प्रमाण है कि लोन लेना और उसे समय पर चुकाना कितना आवश्यक है। लोन का सामान्य सा फार्मूला है कि आप अपनी आमदनी के हिसाब से लोन लें।