रेलवे की सुविधाओं से यात्रियों को लाभ नहीं हो रही यह समस्याएं

रेलवे की सुविधाएं प्लेटफॉर्म एक तक ही सीमित, अन्य में समस्याएं

By: Amil Shrivas

Published: 24 May 2018, 08:32 PM IST

बिलासपुर . रेलवे स्टेशन में घुसते ही प्लेटफॉर्म एक के यात्रियों को सारी सुविधा पानी हो या बैठक की मिल जाती हैं, लेकिन अन्य प्लेटफॉर्म में जाते ही यह सुविधाएं शून्य होने लगती हैं। प्लेटफार्म नम्बर 4-5 तक पहुंचते पहुचते यह सुविधा समाप्त हो जाती है। अन्य प्लेटफॉर्म में रेलवे ने बैठक के लिए व्यवस्था तो की है, लेकिन वह काफी नहीं है। यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सी नहीं है और जो नल लगे हैं, वह भी अधिकांश सूखे ही रहते है इसके चलते यात्री परेशान होते रहते हैं। बिलासपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने जो भी अधिकारी पहुंचता है वह अक्सर प्लेटफार्म 1 की सुविधा देखकर लौट जाता है। किसी का ध्यान उन यात्रियों पर नहीं जाता हो प्लेटफॉर्म 2, 3, 4, 5, 6, 7 या फिर 8 से यात्रा करते हंै। इन प्लेटफॉर्म से यात्रा की शुरुआत समस्याओं से ही होती है। प्लेटफॉर्म 1 में चबूतरों के अलावा यात्रियों को बैठने के लिए कुर्सी की सुविधा दी गई है, लेकिन अन्य प्लेटफॉर्म में कुर्सी की सुविधा नहीं है। इसके चलते यात्री चहल कदमी करते रहते हैं। ट्रेन लेट होने की सूरत में अगर कहीं बैठने की सोचे तो बैठ भी नहीं सकते। यहां चेयर की सुविधा नहीं होती, जरूरी नहीं की हर कोई जमीन पर ही बैठ कर ट्रेनों का इंतजार करता रहे। अमूमन रेलवे स्टेशन पहुचंने के बाद ट्रेनें लेट हो जाए तो कही जाने कोई रास्ता होता नहीं, स्टेशन में रहकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है।

कमाई में देश का नम्बर वन स्टेशन : बिलासपुर रेलवे स्टेशन में सारी सुविधा केवल एक नम्बर प्लेटफॉर्म से यात्रा करने वालों के लिए तैयार की गई है। अन्य स्टेशन में सुविधा के नाम पर रेलवे ने मुखौटा लगा रखा है। अधिकारी यहां केवल सुविधा होने की बात करते है। , लेकिन सुविधा है या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं होती। अगर रहती भी है तो निराकरण का लालीपॉप थमा दिया जाता है।
अन्य प्लेटफॉर्म में स्टाल के लिए जगह, लेकिन नल रहते है। सूखे, पानी के लिए भटकते हैं यात्री : प्लेटफॉर्म नम्बर एक अलावा अन्य प्लेटफॉर्म में स्टाल दिए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां से यात्री खाने के लिए सामग्री तो खरीद सकते हैं, लेकिन प्यास बुझाने के लिए पानी भी उन्हे खरीदना पड़ता है, चाहे वह बोतल बंद पानी हो या फिर मेक इन इंडिया के तहत शुरू किए गए वेंडिग मशीन से नलों से पानी कभी आता है तो कभी बंद हो जाता है।

फ्रिजर है लेकिन आता है गर्म पानी : जिले में पड़ रही भीषण गर्मी से यात्रियों को गला तर करने दो बंूद ठंड़़ा पानी भी नहीं मिल पाता। रेलवे के अलावा कुछ दान दाताओं द्वारा लगाए गए फ्रिजर गर्म पानी ही उगल रहे हैं। इससे लोगों को राहत नहीं मिल रही। कुछ यात्रियों ने कहा जाने की जल्दी होती है, इसलिए शिकायत करने जाएंगे तो ट्रेन ही छूट जाएगी।

निर्माण जगह के आधार पर : रेलवे अधिकारियों की माने तो कोई भी निर्माण मानक और जगह के अनुसार होता है। प्लेटफॉर्म नम्बर 1 की तुलना में अन्य प्लेटफॉर्म चौड़ाई में छोटे हैं, यात्रियों का मूमेंट और ट्राली या पार्सल उतने के बाद भी प्लेटफार्म में जगह नहीं बचती इसके चलते यहां किर्सी का निर्माण नहीं हो सकता।

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