विद्युत वितरण कंपनी का टोल फ्री 1912 फेल, अफसर भी नहीं करते कॉल रिसीव

विद्युत वितरण कंपनी का टोल फ्री 1912 फेल, अफसर भी नहीं करते कॉल रिसीव

Kajal Kiran Kashyap | Publish: Jun, 19 2017 12:35:00 AM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

ऊपर से घोषित अघोषित बिजली कटौती से शहरवासी हलाकान हैं। छत्तीसगढ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं की हर समस्या के निदान के लिए डेढ साल पूर्व गत जनवरी 2016 में यहां राष्ट्रीय उद्योग व्यापार मेला मे उपभोक्ता सेवा पुस्तिका जारी कर विद्युत सुविधाओं में विस्तार का दावा किया था।

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी का केंद्रीकृत कॉल सेंटर 1912 से समस्याओं के त्वरित निदान का दावा तो फेल है ही, बिजली ठप होने पर स्थानीय अफसर भी कॉल रिसीव नहीं करते। रीडिंग और बिलिंग की व्यवस्था भी अव्यवस्था की शिकार है। ऊपर से घोषित अघोषित बिजली कटौती से शहरवासी हलाकान हैं।
छत्तीसगढ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं की हर समस्या के निदान के लिए डेढ साल पूर्व गत जनवरी 2016 में यहां राष्ट्रीय उद्योग व्यापार मेला मे उपभोक्ता सेवा पुस्तिका जारी कर विद्युत सुविधाओं में विस्तार का दावा किया था।

 इस पुस्तिका के जरिए केंद्रीयकृत कॉल सेंटर 1912, ऑनलाइन उपभोक्ता सेवाएं, विद्युत बिल भुगतान सेवा, ईमेल सेवा, मोबाइल शार्ट कोड सेवा और मोबाइल लॉग कोड सेवा शुरू करने का दावा किया था।  लेकिन सभी दावों और विद्युत सेवाओं का हाल बेहाल है।

हाल-  ए 1912
केंद्रीयकृत कॉल सेंटर में कॉल करने से कोई जवाब ही नहीं मिलता। दो दिन से लगातार प्रयास करने के बाद कॉल लगा भी तो स्वागत से लेकर भाषा गत जानकारी के लिए कोड बताया गया इसका पालन करने पर कॉल रिसीव करने वाले स्टाफ ने बताया कि कॉल राजधानी रायपुर कार्यालय में गया है, वहां से वे प्रदेश के संबंधित कॉल सेंटर को दर्ज शिकायत का मैसेज उनके सिस्टम में भेजते हैं जिन्हें जेई लेबल के अफसर द्वारा अटेंड कराकर समस्या का निराकरण कराना है लेकिन बिलासपुर से निराकरण न होने की शिकायत उपभोक्ता करते हैं। उनके कॉल को फिर वापस भेजकर सूचित किया जाता है।

राजधानी रायपुर तक मचा हड़कंप
बिलासपुर में रीडिंग और बिलिंग की गूंज रायपुर मुख्यालय तक है, इसी के मद्देनजर राजधानी से पहुंची अफसरों की टीम ने पिछले साल रीडिंग और बिलिंग की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए अफसरों को यहां प्रशिक्षण  दिया था और सुधार लाने की चेतावनी भी दी थी इसके बावजूद व्यवस्था में आज तक सुधार लाने कोई ठोस पहल नहीं किया गया।

नहीं सुनते अब अफसर भी
नगर विद्युत संभाग द्वारा दीवाली और अन्य पर्वो के दौरान बिजली से संबंधित समस्या के त्वरित निराकरण कराने अफसरों और जिम्मेदार स्टॉफ का मोबाइल नंबर जारी किया जाता है। लेकिन जब आंधी बारिश के दौरान या बिना किसी वजह के बिजली कटौती से हलाकान उपभोक्ता अफसरों के जारी नंबर पर कॉल करते हैं तो या तो उनका मोबाइल स्वीच ऑफ मिलता है या घंटी जाती है वे रिसीव ही नहीं करते। इसके चलते शहर के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश में परेशानी बढ़ जाती है।

व्यवस्था सुदृढ बनाने का दावा फेल
नगर विद्युत संभाग ने आरएपीडीआरपी योजना के तहत शहर के मुख्य लाइन का दोहरीकरण कराकर  रिंग बना एक लाइन से दूसरे लाइन में जोड़कर विद्युत सुधार के दौरान या किसी तरह की तकनीकी खराबी आने पर प्रभावित क्षेत्र की लाइन को दूसरी लाइन को जोड़कर निर्बाध बिजली आपूर्ति करने का दावा किया था। लाइन दोहरीकरण और भीषण गर्मी मे लगातार बिजली बंद कर मेंटेनेंस कार्य कराने के बाद भी हल्की बारिश से आए दिन पूरे शहर की बिजली ठप हो जा रही है, नौबत बिजली कार्यालयों में तोडफ़ोड़ और मारपीट तक आ गई है। हाल ही में तोरवा जोन कार्यालय और इसके पूर्व नेहरू नगर जोन कार्यालय और राजकिशोर नगर सबस्टेशन में भी वारदात हो चुकी है।

रीडिंग और बिलिंग भी घर बैठकर करा रहे हैं
राजधानी स्तर पर छगराविवि कंपनी ने स्पॉट  रीडिंग और बिलिंग का कार्य नागपुर की टी नेट कंपनी को ठेके पर दे रखा है। कंपनी के कर्मचारी मीटरों की रीडिंग करने के बजाए घर बैठे रीडिंग कर अनाप -शनाप बिलिंग कर रहे हैंं। इसकी लगातार शिकायत की जा रही है। जोन कार्यालयों के बिलिंग विभाग में रोजाना 200 से 250 लोग बिल में सुधार कराने पहुंच रहे हैं। अधीक्षण अभियंता भी मीटर रीडिंग में गफलत का मामला पकड़ चुके हैं और उन्होंने टीनेट कंपनी के प्रभारी को रीडर के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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