जब लहराने लगी ट्रेन तो लगा कि अब पलट जाएगी, वो एहसास जिसने खड़े कर दिए रोंगटे...

जब लहराने लगी ट्रेन तो लगा कि अब पलट जाएगी, वो एहसास जिसने खड़े कर दिए रोंगटे...

Anil Kumar Srivas | Updated: 04 Jun 2019, 12:05:21 PM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

यात्रियों ने सुनाई आपबीती, बताया जब ट्रेन सुरक्षित रुक गई तब मनाया शुक्र

बिलासपुर। क्रेक, फे्रक्चार या आम भाषा में टूटी पटरी पर दौड़ती मेमू लोकल की घटना ने यात्रियों को दहश्तजदा कर दिया था। उनकी अफरा-तफरी को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता था कि उन पर अभी अभी या उस वक्त क्या बीती थी। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन की बिगड़ती चाल को भापते हुए चालक वीके दास ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया फिर भी ट्रेन कुछ दूर तक चली और एक तेज झटके के साथ रुक गई। वो लोग जान बचाने के लिए अपने-अपने कोच से ट्रैक पर कूद रहे थे। इतना ही नहीं कोच के सभी दरवाजे पर पहले मैं-पहले मैं की स्थिति बन गई थी। कोच के अंदर अफरा-तफरी थी वहीं कोच के बाहर ट्रैक पर भी हंगामे की स्थिति थी। हालात समान्य होने पर यात्रियों को पता चला की लगभग 6 इंच की दरार रेलवे ट्रैक पर आ गई थी। इसके चलते मेमू की चाल बिगड़ गई। सफर कर रही गीता दुबे ने बताया कि उसके लिए यह पहला मौका था जब लगा कि अब तो गए काम से ट्रेन कभी भी पलट सकती है। लेकिन अचानक से ट्रेन खड़ी हो गई। तो लोग ट्रेन से कूदने लगे। भगदड़ के दौरान कुछ गंभीर हादसा नहीं हुआ इस बात का खुशी हैं।

अगर पलट जाती तो क्या होता
अन्य यात्रियों ने कहा जान बच गई ट्रेन जिस तरह से लहरा रही थी ऐसा लग रहा था आज तो बचना मुश्किल है लेकिन शुक्र है किसी को कोई चोट नहीं लगी। लगभग 6 इंच के फ्रेक्चर वाले ट्रैक पर दौडती पेंड्रारोड मेमू ट्रेन अगर पलट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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