ट्रक की चपेट में आने से वैन बना आग का गोला, चालक की मौके पर हुई दर्दनाक मौत

ट्रक की चपेट में आने से वैन बना आग का गोला, चालक की मौके पर हुई दर्दनाक मौत

Anil Kumar Srivas | Publish: Feb, 12 2019 11:57:20 AM (IST) | Updated: Feb, 12 2019 11:57:21 AM (IST) Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हटवाने के लिए सुबह 9 बजे क्रेन मंगाकर हटाया गया।

बिलासपुर. जरहाभाठा मंदिर चौक पर रविवार रात ट्रेलर वैन को टक्कर मारने के बाद बिजली के खंभे से टकराया। दुर्घटना में दोनों वाहनों में आग लग गई और वेन चालक की मौत हो गई। आग बुझाने और शव निकालने में 3 घंटे व वाहन हटाने में पुलिस को 12 घंटे लग गए। रोड डायवर्ट किए बिना क्षतिग्रस्त वाहन हटवाने के कारण सड़क पर जाम लग गया। 3 क्रेनें और 1 जेसीबी की मदद से पुलिस ने क्षतिग्रस्त ट्रेलर को बाहर निकाला। इसके बाद यातायात सामान्य हुआ। जानकारी के अनुसार चंदेला नगर निवासी व छोटू गैरेज संचालक रविन्द्र सिंह रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे वेन सीजी 13. 5171 से पेपर का बंडल लेने इंदु चौक से सिंधी कॉलोनी की ओर जा रहे थे। रात करीब 1 बजे जरहाभाठा मंदिर चौक के पास वे पहुंचे थे तभी महाराणा प्रताप चौक की ओर से आ रहे गिट्टी से भरे ट्रेलर सीजी 15 2669 के चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए वैन को टक्कर मार दी।

वैन को धकेलते हुए ट्रेलर के चालक ने बिजली खंभे से ट्रेलर भिड़ दिया। दुर्घटना के बाद दोनों ंवाहनों में आग लग गई। आगजनी में वैन चालक रविन्द्र सिंह की मौत हो गई थी। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया और वैन और ट्रेलर के केबिन के बीच फंसे शव को बाहर निकाला। इस हादसे के कारण लंबा जाम लग गया। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हटवाने के लिए सुबह 9 बजे क्रेन मंगाकर हटाया गया।
किराना दुकान हुई जलकर खाक : घटना स्थल से लगी किराना दुकान में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया था। आग लगने से लाखों का नुकसान हुआ है। दुकान और दुकान से लगा मकान अटल बिहारी बाजपेयी यूनिवर्सिटी की कुलसचिव डॉ. इंदु अनंत का है।

80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में चालक चला रहा था ट्रेलर : जानकारी के अनुसार दुर्घटना को अंजाम देने वाला चालक ट्रेलर को 80 किलो मीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेलर चला रहा था। सामने अचानक वैन आने के कारण उसने ब्रेक लगाया और वैन को टकराने के बाद चालक ने वाहन बिजली के खंभे से भिड़ा दिया।
हादसों के बाद भी नहीं ली सुध : मंदिर चौक पर हादसे के बाद भी पुलिस की नींद नहीं खुली। सोमवार को शहर में सुबह से ट्रेलर और हाइवा दौड़ते रहे, जबकि शहर के भीतर सुबह 6 से रात 12 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी जिला प्रशासन ने लगा रखी है। शहर में हादसे के बाद भी भारी वाहनों को रोकने को कोई प्रयास पुलिस ने नहीं किया।

एक सेकेंड की चूक हो रही जानलेवा : शहर में रात 12 बजे से सुबह 6 बजे से कोयले और अन्य भारी वाहन 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते हैं। रतनपुर से रायपुर जाने वाले भारी वाहन कोनी, महामाया चौक, नेहरू चौक, जरहाभाठा मंदिर चौक, राजीव गांधी चौक और महाराणा प्रताप चौक से गुजरते हैं। इसी मार्ग से रायपुर से अंबिकापुर और कोरबा जाने वाले वाहन शहर में प्रवेश करते हैं। थोड़ी सी चूक होने पर लोगों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
पहले भी हो चुकी है हादसों में मौतें : जरहाभाठा मंदिर चौक पर पिछले 2 साल में भारी वाहनों की चपेट में आने से 3 लोगों की मौतें हो चुकी है। नेहरू नगर निवासी एक होटल संचालक की बाइक को सन 2016 में भारी वाहन के चालक ने टक्कर मारी थी। दुर्घटना में होटल संचालक की मौके पर मौत हो गई थी। इसी प्रकार सन 2016 में सीपत निवासी एक मजदूर की भारी वाहन की चपेट में आने से मौत हुई थी। मंदिर चौक पर सन 2015 में टैंकर की चपेट में आने से बाइक में पति के साथ जा रही महिला और उसके बच्चे की मौत हुई थी।

ट्रक ड्राइवर ने बताई तरकीब, तब निकाला गया क्षतिग्रस्त ट्रेलर: सुबह 9 बजे से क्षतिग्रस्त वाहनों को निकालने का प्रयास कर रहे पुलिस कर्मियों को सफलता नहीं मिली। दोपहर करीब 12 बजे 2 और क्रेन और 1 जेसीबी और मंगा कर ट्रेलर को निकालने का प्रयास किया गया।
अधिवक्ता और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों में मारपीट : जरहाभाठा मंदिर चौक हादसे के बाद लगे जाम को हटाने के दौरान सोमवार को बाइक सवार अधिवक्ता और ट्रैफिक पुलिस के पुरूष व महिला आरक्षकों के बीच मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत थाने में दर्ज कराई है। सोमवार को सुबह करीब पौने 11 बजे कोनी थानांतर्गत सेंदरी स्थित अरपा ग्रीन सिटी निवासी व अधिवक्ता देवेश केला पिता धनश्याम केला (45) छोटे भाई कृपेश के साथ बाइक सीजी 10 डब्ल्यू 4969 से प्रियदर्शिनी नगर स्थित कार्यालय जा रहे थे।

चौक पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी वाहनों को इंदु चौक की ओर डायवर्ट कर रहे थे। तभी बाइक चला रहे देवेश ने बाइक राजीव गांधी चौक की ओर बढ़ाने का प्रयास किया। चौक पर उपस्थित आरक्षक विरेन्द्र सिंह ने बाइक को रोकवाया। बाइक रोकने के बाद आरक्षक और विरेन्द्र के बीच गाली गलौज और मारपीट हो गई। चौक पर मौजूद महिला आरक्षक उमा धु्रव अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंची लेकिन विवाद बढ़ गया। घटना के बाद अविधक्ता देवेश ने उमा और विरेन्द्र समेत चौक पर मौजूद पुलिस कर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए शिकायत सिविल लाइन पुलिस से की। वहीं उमा ने देवेश के खिलाफ अजाक थाना व सिविल लाइन थाने में हाथ मरोडऩे और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें अपने रख कर मामले को विवेचना में ले लिया है।

एसपी से शिकायत : घटना के बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ ने एसपी अभिषेक मीणा से शिकायत की है। संघ के अध्यक्ष सीके केशरवानी व सचिव अब्दुल वहाब खान ने पुलिस अधिवक्ता से मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग की है।
मैंने किसी का हाथ नहीं मरोड़ा : जरहाभाठा मंदिर चौक में मेरे साथ पुलिस कर्मियों ने दुव्र्यवहार और मारपीट की है। इसकी शिकायत मैंने थाने में दर्ज कराई है। मैंने किसी महिला पुलिस कर्मी का हाथ नहीं मरोड़ा है।
देवेश केला, अधिवक्ता
शिकायत की हो रही है जांच : जरहाभाठा मंदिर चौक पर हुई मारपीट की शिकायत दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई है। शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जगदीश मिश्रा, टीआई सिविल लाइन

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