ये उन दिनों की बात है : जब पूर्व सीएम कैलाश जोशी बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में बैठ गए थे

Anil Kumar Srivas

Publish: Mar, 17 2019 05:22:29 PM (IST)

Bilaspur, Bilaspur, Chhattisgarh, India

बिलासपुर. भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता बाबू सिंह का कहना है कि वो दौर ही अलग था। नेता इतने सहज थे कि कार्यकर्ताओं का सम्मान करते थे, उनका इंतजार करते थे। अब चुनाव में भारी खर्च होता है, शालीनता नहीं रही वैमनस्यता बढ़ गई। बाबू सिंह ने सन् 1977-78 में इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव को याद करते हुए बताया कि उस समय कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच परिवार जैसा संबंध था। इमरजेंसी के बाद जब सन् 1978 में चुनाव हुआ भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी भोपाल से रायपुर और रायपुर से यहां बिलासपुर आए। वे यहां सभा को संबोधित करने के लिए आए थे। हम उन्हें लेने के लिए पुराना बस स्टैंड में पहुंचे, तो वे काफी देर से यात्री प्रतीक्षालय में अपना सामान लेकर बैठे थे उस समय लक्ष्मी टॉकिज के बगल में भाजपा का कार्यालय हुआ करता था, और कोई साधन था नहीं। हमने उन्हें भाजपा कार्यालय में ठहराया। वे जब भी यहां आते उन्हें यहीं ठहराते। इमरजेंसी के बाद 78 में चुनाव हुआ भाजपा के कैलाश जोशी मुख्यमंत्री बने।

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