प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से मूलभूत सुविधाओं से दूर हैं ग्रामीण

प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से मूलभूत सुविधाओं से दूर हैं ग्रामीण

Anil Kumar Srivas | Publish: Sep, 04 2018 01:53:50 PM (IST) | Updated: Sep, 04 2018 01:58:50 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

आदिवासी बैगा बाहुल्य ग्राम बांसाझाल का हाल

खैरा. विकास खंड कोटा अंतर्गत ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम बांसाझाल में आदिवासी बैगाओं को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ग्रामीण गांव के चारों ओर फैली गंदगी व कीचड़ में चलने को मजबूर हैं। सीसी रोड स्वीकृति होने के बाद भी कमीशन के फेर में नहीं बन पाया है। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
जिला मुख्यालय से महज 40 किमी दूरी पर स्थित ग्राम बांसाझाल के लोग आज भी किचड़ और गंदगी मेें चलकर अभिशाप का दंश झेलने को मजबूर है। वनांचल ग्राम में लगभग एक हजार की जनसंख्या है। यहां बैगा के लोग निवासरत हैं। यहां मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। पिछले वर्ष ग्रामीणो की मांग पर सीसी रोड स्वीकृत हुई तो सभी उनके चेहरे पर खुशी झलक रही थी। अचानक बिलासपुर जिला पंचायत अध्यक्ष के तानासाही रवैये की वजह से ग्रामीणों का साफ सुथरी राह पर चलने की सपना जैसे सपना ही बन कर रह गया। बस स्टंैड से लेकर पूरी बस्ती तक चलने की जगह नहीं है। पूरा मार्ग पानी और कीचड़ से सना हुआ है, जिसमे मच्छर पनप रहे है। ग्रामीण मच्छरों के बीच रहने को मजबूर हैं। जो कभी भी मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियो से ग्रसित हो सकते हंै। जिम्मेदार प्रतिनिधियों द्वारा लोकसुराज, मुख्यमंत्री जनदर्शन व कलेक्टर जनदर्शन में सीसी रोड बनाने की मांग करते थक गए, जिसे आज तक कोई सुनने वाला नहीं है। यहां के बच्चों, महिलाओं व बुजुर्ग सहित युवाओं में विकास नहीं होने से शासन के प्रति काफी आक्रोश नजर आ रहा है।

स्वीकृति के बाद भी नहीं बनी सीसी रोड
आदिवासी बाहुल्य गांव बांसाझाल में सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में सीसी रोड बनाने पांच लाख रुपए स्वीकृत किया गया। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत चपोरा को दी गई। पंचायत ने कार्य का इस्टीमेट तैयार कर तकनीकी स्वीकृति लिया। ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत के बीच अनुबंध स्थापित होने के बाद सीसी रोड निर्माण का वर्क आर्डर के साथ इंजीनियर ने ले-आउट जारी कर दिया। सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी सीसी रोड का निर्माण कार्य चालू नहीं हो सका।

जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे हैं ध्यान
जनपद सदस्य नीलू हेमंत सिंह कांती का कहना है कि ग्राम बांसाझाल में जिला पंचायत अध्यक्ष की तानाशाही रवैये की वजह से स्वीकृत सीसी रोड का निर्माण कार्य नहीं हो सका। उन्हें ऐसा करने से पहले ग्रामीणों की सुविधाओं का विचार करना चाहिए था। लोक सुराज व मुख्यमंत्री जनदर्शन में रोड निर्माण की मांग की गई है। ग्राम पंचायत चपोरा के सरपंच गोवर्धन सिंह आर्मो ने बताया कि आश्रित ग्राम बांसाझाल के सभी लोग कीचड़ युक्त मार्ग में चलने के लिए मजबूर हंै। पूर्व में स्वीकृत की गई सीसी रोड तो बड़े नेताओं के कारण नहीं बन पायी।कलेक्टर जनदर्शन के माध्यम से रोड निर्माण की मांग की गई है। ग्रामीण श्याम सिंह कहार बताते हैं कि गांव के विकास कार्य के नाम पर बहुत कम ही काम हो पाया है। अभी भी गांव की गलियों को सीसी रोड नहीं कराया गया हैं। बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानी होती है। इसके बावजूद जनप्रतिनिधि हाथ में हाथ पकड़ कर बैठे हुए हैं। अपनी परेशानी किसे बताएं, कोई सुनने वाला नहीं है।

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