ड्यूटी कम करने से नाराज रेलवे के हम्मालों ने किया काम का बहिष्कार

रेलवे में डेली वेजेस पर मजदूरी करने वाले रेलवे अधिकारियों के नए आदेश के बाद मोर्चा खोलते हुए शनिवार को काम का बहिष्कार कर दिया।

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Published: 01 Mar 2020, 11:31 AM IST

बिलासपुर. रेलवे में डेली वेजेस पर मजदूरी करने वाले हमालों ने रेलवे अधिकारियों के नए आदेश के बाद मोर्चा खोलते हुए शनिवार को काम का बहिष्कार कर दिया। मजदूरों ने कहा कि कार्य दिवस पहले ही आधा करने से परिवार के पालन पोषण में परेशानी हो रही है। नए आदेश के बाद तो परिवार चलना ही नामुमकिन हो जाएगा। परेशानियों को लेकर हमालों ने कमशियल इस्पेटरों से बात की लेकिन समाधान नहीं निकल सका।

रेलवे में डेली वेजेस में कार्य करने वाले मजदूरों का कहना है कि शुक्रवार रात को कमशियल इस्पेक्टर धनंजय सिंह का फोन आया कि रेलवे ने काम के लिए मजदूरों की संख्या में कटौती करने का निर्णय लिया है। नए आदेश के अनुसार 18 मजदूरों को कम करने का आदेश है लेकिन रेलवे नहीं चाहता की किसी को बाहर निकाले। इस कारण कार्यरत कर्मचारियों को केवल 10 दिन का ही रोजगार दिया जाएगा। नया आदेश आने की जानकारी लगते ही हमाल मजदूर के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा। ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब रेलवे सभी हमाल कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा कर पूरे लदान की बागदौड़ नीजी हाथों में सौंप देगा। वही अधिकारियों का कहना है कि रेलवे में लदान का एक बड़ा हिस्सा लीज पर दिया जा चुका है। रेलवे के पास काम करने के लिए जितने डेली वेजेस कर्मचारी है वह बहुत अधिक है। लेकिन किसी को नौकरी से हटाया जाए इससे अच्छा कार्य दिवस का बटवारा कर सभी को रोजगार प्रदान किया जा सके ऐसी योजना बनाकर रेलवे के कार्यरत हमलों को काम करने प्रोत्साहित कर रहे है। लेकिन हमाल इन बातों को समझने तैयार नहीं है।

पूर्व में हमालों को मिलता था 26 दिनों का काम
वर्ष 2017 से पूर्व रेलवे में कार्यरत हमलों को रेलवे 26 दिनों का काम उपलब्ध दिया करती थी। तत्कालिन सीनियर डीसीएम रश्मि गौतम के कार्यकाल में रेलवे के आदेश अनुसार हमलों के कार्य दिवस में कटौती करते हुए 15 दिन कर दिया था। वही नए आदेश हमालों को 10 दिनों का काम दिया जाएगा।

पूर्व में रेलवे ने हमारे कार्य दिवस को 26 दिनों की जगह 15 दिवस का कर दिया है अब उसे घटाकर 10 दिन किया जा रहा है। काफी कम मजदूरी मिलने से हमारे परिवार के सामने पालन पोषण की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
उमेश यादव, हमाल रेलवे कर्मचारी

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