6 बजे लिखा गुड मॉर्निंग, सवा 6 पर मौत सीआरपीएफ सुसाइड बता ढांक रहा मामला

6 बजे लिखा गुड मॉर्निंग, सवा 6 पर मौत सीआरपीएफ सुसाइड बता ढांक रहा मामला

Anil Kumar Srivas | Publish: Apr, 17 2018 12:50:24 PM (IST) Bilaspur, Chhattisgarh, India

भरनी बटालियन कैंप में गोली चलने से एएसआई की संदिग्ध मौत, आखिर क्या छिपा रहे हैं अधिकारी

बिलासपुर . सीआरपीएफ सेकेंड बटालियन कैंप भरनी में ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने सोमवार सुबह ६ अपने मोबाइल से दोस्त-रिश्तेदारों को मैसेज भेजकर गुड मॉर्निंग कहा। इसके 15 मिनट बाद उसकी लाश खून से लथपथ हालत में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। गोली लगने से उसकी मौत हो चुकी थी। बटालियन में आखिर ऐसा क्या हुआ। इस घटना की वजह क्या है? ये आत्महत्या है या फिर कुछ और बटालियन के अधिकारी भी ये बताने से बच रहे हैं। मामला इसलिए भी संदिग्ध माना जा रहा है कि अधिकारियों ने मीडिया को घटना स्थल तक भी नहीं पहुंचने दिया। सकरी पुलिस के मुताबिक, घटना सुबह सवा 6 बजे के आसपास हुई। भरनी बटालियन कैम्प के बैरक नंबर १० के बाहर मोर्चे पर एएसआई पुष्पेंद्र सिंह पिता श्रवण सिंह (50 वर्ष) की ड्यूटी थी। इस बीच दो राउंड फायरिंग हुई, और पुष्पेंद्र सिंह की मौत हो गई। गोली किसने चलाई, यह तो पता नहीं चल सका, लेकिन सकरी पुलिस को अब तक यही बताया गया है कि उसके स्थान पर ड्यूटी पर रिलीवर (बटालियन के अफसरों ने नाम नहीं बताया) पहुंचा, तब उसे इस घटना के बारे में पता चला। उसी ने अन्य लोगों को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद सुबह 7 बजे सकरी पुलिस को खबर दी गई। रिलीवर ने पुलिस को यह बताया, कि जब वह पहुंचा तो पुष्पेंद्र सिंह की लाश फर्श पर खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। इसके बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मामला कई तरह से संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस मर्ग कायम कर छानबीन कर रही है।

सकरी पुलिस ने ये बताया: सकरी पुलिस ने बताया, कि सुबह ७ बजे हमें घटना की खबर मिली। बताया गया कि भरनी कैंप में एक जवान ने खुद को गोली मार ली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो बैरक नम्बर १० से लगे मोर्चा ड्यूटी पर तैनात एएसआई पुष्पेन्द्र सिंह बघेल पिता श्रवण सिंह का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। उसके पास ही उसकी एके-४७ पड़ी हुई थी। बताया गया कि उसने इसी से अपने ठोढ़ी पर पाइंट रखकर गोली मार ली। गोली सिर को चीरते हुए ऊपर निकल गई थी।

ठोढ़ी से चली गोली, चीरती हुई निकली सिर के ऊपर से: गोली एके-47 से चली। यह पुष्पेंद्र की ठोढ़ी से चीरती हुई उसके सिर के ऊपरी हिस्से से निकल गई, और छत पर जा धंसी।

शव भेजा गया गृहग्राम: पोस्टमार्टम के बाद शव को पूरे सम्मान के साथ पुष्पेन्द्र बहादूर के गृहग्राम उमरिया जिले के सुखदासपुर के लिए भेज दिया गया है।

घटना का कारण स्पष्ट नहीं: प्रारंभिक जांच में अब तक कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है। जांच अधिकारी शीतला प्रसाद त्रिपाठी ने बताया, कि यदि यह सुसाइड है, तो मृतक के पास से कोई सुसाइडल नोट भी नहीं मिला है, जिससे वजह स्पष्ट हो सके।

मोबाइल लॉक, चल रही जांच: एएसआई पुष्पेंद्र सिंह ने अपने जिस मोबाइल से दोस्त-रिश्तेदारों को मैसेज भेजा, वह मोबाइल लॉक है। पुलिस ने मोबाइल बरामद कर लिया है, लेकिन उसका लॉक नहीं खोल पा रही। माना जा रहा है कि मोबाइल की जांच से मामला कुछ स्पष्ट हो सकेगा।

बेटियों को दी गई खबर: एएसआई पुष्पेंद्र सिंह का भतीजा विजेंद्र सिंह डीपूपारा में रहता है। खबर मिलते ही वह मौके पर पहुंचा। इधर पुलिस व बटालियन की तरफ से इस हादसे की खबर पुष्पेंद्र की दोनों बेटियों को दे दी गई है।

कहीं अफसरों की प्रताडऩा तो नहीं?: मामला आत्महत्या है या कुछ और अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन यदि इसे आत्महत्या मान लें, तो हो सकता है कि पुष्पेंद्र सिंह अपने अफसरों के रवैए या किसी प्रताडऩा से तंग हो। शायद उसने इसी वजह से आत्महत्या कर ली। क्योंकि पारिवारिक पक्ष में फिलहाल ऐसा कोई कारण नजर नहीं आ रहा, जिससे पुष्पेंद्र को ऐसा आत्मघाती कदम उठाना पड़े।

उमरिया का रहने वाला था पुष्पेन्द्र: पुष्पेन्द्र ङ्क्षसह बघेल मूलत: मध्यप्रदेश उमरिया जिले के सुखदासपुर का रहने वाला था। शिक्षा-दीक्षा मनेंद्रगढ़ में हुई। उसकी तैनाती पहले नागालैंड में थी। फिर जगदलपुर व नारायणपुर में पदस्थ रहा। वहां से ढाई साल पहले बिलासपुर के भरनी बटालियन में पोस्टिंग हुई।

बटालियन के अफसर आखिर क्या छिपा रहे?: एएसआई की मौत को संदिग्ध माना जा रहा है। वजह ये कि घटना से कुछ देर पहले ही एएसआई पुष्पेंद्र सिंह ने 'गुड मार्निंगÓ मैसेज किया। यानी वह सामान्य स्थिति में था। इससे यह कह पाना मुश्किल है कि उसने आत्महत्या कर ली। बहरहाल मामला जांच का विषय है। लेकिन जिस तरह से बटालियन के अफसर परदेदारी कर रहे हैं, मीडिया से बात करने तक से परहेज कर रहे हैं, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर ऐसा क्या है, जो बटालियन के अफसर छिपाना चाहते हैं? इसे लेकर कमांडेंट विजय घोष के सेल फोन संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन उन्होंने सुबह से रात तक कॉल रिसीव नहीं किया।

सुबह परिजनों व दोस्तों को मैसेज भेजकर कहा, गुड मॉर्निंग...: जानकारी के अनुसार, मृतक पुष्पेन्द्र सिंह ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को रोजाना की तरह सोमवार सुबह मैसेज भेजकर गुड मॉर्निंग कहा। पुष्पेंद्र के डीपूपारा निवासी भतीजे विजेद्र सिंह ने बताया कि उसे सुबह 6 बजे मैसेज मिला था।

मृतक की पत्नी नहीं है, बेटियों शादी हो चुकी नहीं था फैमिली टेंशन: भरनी बटालिन में तैनात एएसआई पुष्पेन्द्र सिंह की पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका है। उनकी दो बेटियां हैं। दोनों की शादी हो चुकी। बताया जा रहा है कि खबर मिलने के बाद वह भी गृहग्राम सुखदासपुर पहुंच रही हैं।

ढाई साल पहले: पुष्पेन्द्र सिंह बघेल की तीन साल पहले बस्तर के बीजापुर में पोस्टिंग थी। वहां से बिलासपुर के भरनी कैंप में पोस्टिंग पर वह यहां आया।

सुलगते सवाल?
० पुष्पेंद्र की मौत आत्महत्या है, या कुछ और।
० यदि सबकुछ ठीक था, तो एएसआई ने आत्महत्या क्यों कर ली।
० यदि मामला आत्महत्या का है, तो बटालियन के अफसर इतनी परदेदारी क्यों कर रहे।
० आखिर क्या छिपा रहे बटालियन के अफसर।
० मीडिया से बात करने से परहेज क्यों।
० कहीं कोई प्रताडऩा या ऑफिशियल वजह तो नहीं।
० सुबह 6 बजे पुष्पेंद्र ने गुड मार्निंग का मैसेज किया, सवा 6 बजे लाश मिली। बीच के 15 मिनट में आखिर ऐसा क्या हुआ।
० घटना के समय मृतक ड्यूटी पर तैनात था, लेकिन वर्दी नहीं पहनी थी। डे्रस की जगह वह लोवर, टी-शर्ट व चप्पल पहने हुए था।

बिना जांच सुसाइड घोषित
भरनी बटालियन कैम्प में एएसआई पुष्पेन्द्र सिंह बघेल ने ड्यूटी के दौरान एके-४७ से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिला। कारण स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।
-प्रतीक चतुर्वेदी, सकरी थाना प्रभारी

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