छुट्टियों से सुधर सकती है सेहत

छुट्टियों से सुधर सकती है सेहत

Jitendra Kumar Rangey | Publish: May, 22 2019 10:23:06 AM (IST) तन-मन

छुट्टियां लेने से शरीर में ऊर्जा का संचार बढऩे के साथ दिमाग रिलैक्स होता है।

मूड बूस्टर है
विन्सकोंसिन विश्वविद्यालय, अमरीका के मुताबिक जो लोग वर्ष में एक या दो बार लंबी छुट्टियां लेते हैं, वे अधिक सक्रिय और खुश रहते हैं। ब्रिटिश शोध के अनुसार छुट्टियों के सपने संजोना, प्लानिंग करना भी बेहतरीन मूड बूस्टर हो सकता है।
कम होता है तनाव
अगर छुट्टी मनाने, आराम करने या मौज-मस्ती करने जाते हैं तो आपको खुशी मिलती है। यह शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को कम करता है। लगातार व्यस्त रुटीन के बावजूद एक छोटा सा ब्रेक भी आपको ताजगी से भर देताहै।
कार्यक्षमता बढ़ेगी
अमरीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ के शोध के अनुसार काम के प्रेशर के बाद एक ब्रेक लेने से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और कार्यक्षमता बढ़ जाती है। अगर छुट्टियों के दौरान गैजेट्स से दूर रहें तो दफ्तर के काम के लिए नई ऊर्जा आ जाती है।
हंसने से बनेगी सेहत
छुट्टियों के दौरान लोग अधिक खुश रहते हैं। कई शोध साबित कर चुके हैं कि जितना ज्यादा हंसेंगे, मस्तिष्क से एंडोर्फिन हार्मोन का स्त्राव उतना ज्यादा होगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।
दिल के रोगों से मुक्ति
द फ्रैमिंघम हार्ट स्टडी, अमरीका के अनुसार जो लोग साल में दो बार लंबी छुट्टियां लेते हैं, उन्हें दिल के रोगों का खतरा दूसरों की अपेक्षा आठ गुना कम होता है वहीं जो एक बार भी ऐसा नहीं करते उनमें रिस्क 32त्न ज्यादा होता है।
होगा नई ऊर्जा का संचार
छुट्टियों के दौरान नकारात्मक चीजों से दूरी बनाएं और छोटी-छोटी चीजों में खुशियां तलाशें। आसपास की खूबसूरती, नए स्वाद और परिवेश का आनंद उठाएं। इससे नई ऊर्जा का संचार होगा। यही वजह है कि मन उदास होने पर या फिर मन की परेशानियों को दूर करने के लिए लोगों को घूमने की सलाह दी जाती है।
गर्मी की छुट्टियों में ध्यान रखें
तेज धूप से बचें

समर वैकेशन में बच्चों का खास ख्याल रखें। बच्चे तेज धूप या लू के समय न खेले। ठंडक या हल्की धूप में ही बच्चे को बाहर जाने दें। बच्चों की त्वचा को धूप से होने वाली दिक्कतों और तापमान बढऩे से बैक्टीरिया और फंगस से बचाने के लिए छांव में खेलने की इजाजत दें।
हल्का भोजन दें
गर्मी में बच्चों की पाचन शक्ति कमजोर होने से उनमें शरीर का पीला पडऩा व पानी की कमी होना, डायरिया, लू लगना, पेट में जलन, उल्टी, पीलिया की शिकायतें रहती हैं। ऐसे में उन्हें हल्का व पौष्टिक आहार दें। तैलीय व मिर्च-मसाले वाला भारी भोजन न दें।

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