याद्दाश्त बढ़ाती आयुर्वेद व एक्यूप्रेशर पद्धति

याद्दाश्त बढ़ाती आयुर्वेद व एक्यूप्रेशर पद्धति

Jitendra Kumar Rangey | Publish: May, 15 2019 08:02:02 AM (IST) तन-मन

किसी प्रकार की बीमारी, मानसिक तनाव व थकान, पाचनक्रिया की गड़बड़ी, शारीरिक और मानसिक दुर्बलता धीरे-धीरे याद्दाश्त को प्रभावित कर दिमाग को कमजोर कर देती है। जानते हैं आयुर्वेद व एक्यूप्रेशर तरीकों से दिमाग को कैसे मजबूत बनाया जाए-

बादाम : इसमें मौजूद आयरन, कॉपर, फॉस्फोरस और विटामिन-बी सभी औषधीय तत्त्व एक साथ काम करते हैं। इसलिए बादाम दिमाग के अलावा हृदय व लिवर को भी सेहतमंद रखती है।
प्रयोग : रात को पानी में ५ बादाम भिगो दें। सुबह छिलका उतारकर बारीक पीस लें। एक गिलास दूध में दो चम्मच शहद के साथ मिलाकर पी लें।
ब्राह्मी : एंटीऑक्सीडेंट तत्त्व से भरपूर ब्राह्मी दिमाग के लिए अच्छी जड़ी-बूटी है। यह दिमागी कार्यक्षमता बढ़ाती है।
प्रयोग : एक चम्मच रस को रोजाना पी सकते हैं। रस पसंद न आने पर पत्तियों को चबाकर भी खा सकते हंै।
अलसी का तेल : एकाग्रता व सोचने की क्षमता को बढ़ाता है।
प्रयोग : विशेषज्ञ द्वारा बताए अनुसार लें। यह मानसिक विकार दूर करता है।
अखरोट : ओमेगा-थ्री फैटी एसिड, मैंगनीज, तांबा, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ई, जिंक व सेलेनियम जैसे मिनरल्स से भरपूर अखरोट दिमाग को एक्टिव बनाता है।
प्रयोग : रोज एक अखरोट खाएं।
दालचीनी : दिमाग को मजबूती मिलती है।
प्रयोग : डिनर के बाद एक चुटकी दालचीनी पाउडर को शहद के साथ लें। आंखों के ऊपर दोनों भौंहों के बीच वाले हिस्से पर एक मिनट तक अंगुलियों के पोरों से प्रेशर देें, लाभ होगा। हाथ के अंगूठे के अग्र भाग (जिस भाग से स्टैम्प प्रिंट देते हैं) के मध्य में प्रेशर देने के साथ मालिश करें। कान के निचले भाग (जहां बाली पहनी जाती है) पर लगभग एक मिनट के लिए दबाव बनाएं। सिर के सहस्त्रधार चक्र (जहां चोटी बनती है) भाग पर सुबह के समय लगभग एक मिनट के लिए प्रेशर देने से दिमाग सक्रिय होता है।

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