दुनिया की सबसे तीखी मिर्च खाने से सिरदर्द क्यों?

दुनिया की सबसे तीखी मिर्च खाने से सिरदर्द क्यों?

Jitendra Kumar Rangey | Publish: Apr, 20 2019 01:35:49 PM (IST) तन-मन

कैरोलिना रीपर मिर्च में पाए जाने वाला कैप्सेकिन नामक तत्त्व से धमनियां संकुचित हो जाती हैं।


हम सभी मिर्च खाते हैं, कोई ज्यादा तीखी तो कोई कम। क्या आपने दुनिया की सबसे तीखी मिर्च खाई है। इस मिर्च का नाम है कैरोलिना रीपर। इसमें पाए जाने वाला कैप्सेकिन नामक तत्त्व से धमनियां संकुचित हो जाती हैं। इसे खाने के बाद सिर में असहनीय सिरदर्द होता है। इसके तीखेपन को लेकर पिछले चार साल से टेस्ट होते रहे हैं।गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की सूची में शामिल किया गया है। वैज्ञानिकों का तर्क है कि किसी मिर्च का तीखापन उसके जेनेटिक ढांचे पर निर्भर करता है। भारत, थाईलैंड और एशिया के अन्य देशों में आमतौर पर मिर्च काफी तीखी होती हैं जबकि ठंडे देशों में ऐसा नहीं होता है। अध्ययन में पाया गया कि मिर्च के प्रयोग करते ही कुछ सेकंड में दो बार उसने तेज थंडरक्लप (सबसे तेज सिरदर्द की अवस्था) का अनुभव किया। दर्द इतना तेज था कि वह न्यूयॉर्क के कूपरटाउन के बेससेट मेडिकल सेंटर में बेहोश हो गया।
कैसे नापा जाता है तीखापन : 2012 में साउथ कैरोलाइना की विनथ्रॉप यूनिवर्सिटी ने इस मिर्च के गुच्छे में 15,69,300 एसएचयू (स्कोवील हीट यूनिट) पाई गई। इस गुच्छे में एक मिर्च तो ऐसी भी थी जिसमें 22 लाख एसएचयू पाया गया। एसएचयू तीखेपन को मापने की इकाई है। एक आम मिर्च का एसएचयू करीब 5,000 और पेपर स्प्रे में करीब 20 लाख एसएचयू होता है।

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