सांवले रंग को लेकर बिपाशा का छलका दर्द, कहा- बचपन से लोग सांवली कहने लगे

By: पवन राणा
| Published: 26 Jun 2020, 06:03 PM IST
सांवले रंग को लेकर बिपाशा का छलका दर्द, कहा- बचपन से लोग सांवली कहने लगे
सांवले रंग को लेकर बिपाशा का छलका दर्द, कहा- बचपन से लोग सांवली कहने लगे

बिपाशा बसु ( Bipasha Basu ) का कहना है कि 15-16 की उम्र में जब मॉडलिंग शुरू कि तब भी शायद इसी वजह से ज्यादा काम मिला। जब फिल्मों में आई तब भी मेरे काम के बारे में लिखने के साथ सांवला शब्द जोड़ा जाता रहा। मेरा मानना है कि खूबसूरती सिर्फ स्कीन कलर नहीं बल्कि सम्पूर्ण पर्सनालिटी होती है।

मुंबई। अभिनेत्री बिपाशा बसु ( Bipasha Basu )का कहना है कि जीवनभर 'सांवला रंग' उनके काम के साथ जोड़ा जाता रहा। ये विशेषण हर बार उनके साथ चिपका दिया जाता था। हिंदुस्तान यूनिलिवर कंपनी ने पॉपुलर क्रीम 'फेयर एंड लवली' के नाम से फेयर शब्द हटाने के फैसले के बाद बिपाशा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट में लिखा,' बचपन से सुनती आ रही हूं कि बोनी सोनी से ज्यादा सांवली है। हालांकि मेरी मां भी डस्की ब्यूटी है और मैं उनकी तरह ही लगती हूं। मुझे कभी पता नहीं चला कि जब मैं छोटी थी तो दूर के रिश्तेदार भी इसी बात को लेकर चर्चा करते थे।

सांवले रंग को लेकर बिपाशा का छलका दर्द, कहा- बचपन से लोग सांवली कहने लगे

15—16 की उम्र में जब मॉडलिंग शुरू कि और मैंने सुपरमॉडल कॉन्टेस्ट जीता, सभी अखबरों में लिखा था कि कोलकाता की डस्की गर्ल जीती है। मुझे फिर से आश्चर्य हुआ कि क्यों मेरे से पहले ये विशेषण लगाया जाता है। इसके बाद मैं न्यूयॉर्क और पेरिस गई मॉडल के रूप में काम करने के लिए और महसूस किया कि मेरे स्किन कलर के कारण मुझे वहां ज्यादा ध्यान और काम मिला। जब मैं वापस इंडिया आई तो फिल्मों के आॅफर आने लगे। आखिरकार मैंने मेरी पहली फिल्म 'अजनबी' की। अचानक से मुझे स्वीकार कर लिया गया और प्यार मिला। लेकिन वह सांवले रंग वाला विशेषण साथ रहा और मैंने इसे स्वीकारना शुरू कर दिया था।

सांवले रंग को लेकर बिपाशा का छलका दर्द, कहा- बचपन से लोग सांवली कहने लगे

मेरा मानना है कि खूबसूरती सिर्फ स्कीन कलर नहीं बल्कि सम्पूर्ण पर्सनालिटी होती है। मेरे रंग की वजह से मुझे उस समय की एक्ट्रेसेस से अलग समझा जाता था। हालांकि ये मुझे वो करने से नहीं रोक पाया, जो मैं करना चाहती थी। मुझे पिछले 18 वर्षों में स्कीन केयर के कई विज्ञापन आॅफर हुए लेकिन मैं अपने सिद्धांतो के साथ रही। हमारे देश के अधिकांश लोग सांवले हैं, इसलिए फेयर ही लवली और ब्यूटीफूल है, इस झूठे सपने को बेचना बंद करना चाहिए।

आपको बता दें कि बिपाशा ने वर्ष 2001 में 'अजनबी' फिल्म से हिन्दी फिल्मों में डेब्यू किया था। इसमें उनका ग्रे किरदार था। हालांकि इस रोल के लिए उन्हें काफी सराहना मिली। उन्हें फिल्मफेर बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। साल 2002 में आई मूवी 'राज' ने सफलता के रिकॉर्ड तोड़े। एक्ट्रेस ने करण ग्रोवर से शादी की है।

अभय और नंदिता ने भी सराहा

अभिनेता अभय देओल और एक्ट्रेस नंदिता दास ने फेयर शब्द हटाने को प्रतीकात्मक कदम बताया है। अभय ने कहा यह केवल शुरूआत है, हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है। वहीं नंदिता ने कहा कि ये अभी सांकेतिक पहल है, उत्पाद बनना बंद नहीं हुए है। अभी भी बड़ा कदम लेना बाकी है।