जावेद अख्तर के पास ना खाने के पैसे थे ना रहने की जगह, सड़क पर गुजारी रातें, इस फिल्ममेकर ने की मदद

Shaitan Prajapat
| Updated: 16 Jan 2020, 06:19:39 PM (IST)
जावेद अख्तर के पास ना खाने के पैसे थे ना रहने की जगह, सड़क पर गुजारी रातें, इस फिल्ममेकर ने की मदद
Javed Akhtar

4 अक्टूबर 1964 में जावेद मुंबई आ गए थे। एक कार्यक्रम में जावेद ने बताया था कि शुरुआती दिनों में उनके पास न तो खाने के पैसे थे और न ही रहने का ठिकाना। कई रातें ....

साहित्य की दुनिया में शब्दों के जादूगर कहे जाने वाले जावेद अख्तर का आज 75वां बर्थडे हैं। उनका जन्म 17 जनवरी, 1945 को ग्वालियर में हुआ था। उनक बचपन का नाम 'जादू' था और घर में उन्हें इसी नाम से बुलाते थे। जावेद को उनके बेहतरीन लेखन के लिए जाना जाता है। एक ओर जहां उनके पिता निसार अख्तर मशहूर गीतकार थे तो दूसरी ओर उनकी मां सफिया अख्तर गायिका-लेखिका थीं। उन्होंने बचपन से कविताएं और गाने लिखना शुरू कर दिए थे। फिल्म इंडस्ट्री में भी जावेद कई फिल्मों की स्क्रिप्ट लिख चुके हैं। बाद में उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम रखा और कई गानों को अपनी करिश्माई कलम का रुप दिया। जावेद एक बहुत बड़े शायर भी हैं।

Javed Akhtar

खाने और रहने का नहीं था ठिकाना
4 अक्टूबर 1964 में जावेद मुंबई आ गए थे। एक कार्यक्रम में जावेद ने बताया था कि शुरुआती दिनों में उनके पास न तो खाने के पैसे थे और न ही रहने का ठिकाना। कई रातें खुले आसमान में तारों की चादर ओढ़ कर बिताई। बाद में कमाल अमरोही ने अपने स्टूडियो में जावेद को रहने की जगह दी।

Javed Akhtar

यश चोपड़ा ने 'सिलसिला' में मौका
जावेद को फिल्मी गीतकार में बदलने का श्रेय यश चोपड़ा को दिया जाता है, जिन्होंने जावेद अख्तर के भीतर बैठे गीतकार को पहचाना और बतौर गीतकार उनको फिल्म ‘सिलसिला’ में मौका दिया। सलीम खान और जावेद की मुलाकात फिल्म ‘सरहदी लुटेरा’ के सेट पर हुई थी। जिसमें सलीम खान हीरो बने थे और जावेद क्लैपर ब्वॉय के रूप में थे। इसके बाद दोनों में दोस्ती हुई। इस जोड़ी ने कुल 24 फिल्मों की कहानियां एक साथ मिलकर लिखीं है, जिनमें से 20 सुपरहिट रहीं। जिनमें 'सीता-गीता', 'शोले', 'हाथी मेरा साथी', 'यादों की बारात', और 'दीवार' जैसे सुपरहिट फिल्में शामिल हैं। फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के बाद सलीम-जावेद की जोड़ी टूट गई।

5 बार मिल चुका है नेशनल अवॉर्ड
जावेद को उनके गीतों के लिए कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उनको 5 बार नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। 1999 में उनको पद्मश्री, 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा जावेद 8 बार फिल्म फेयर अवार्ड भी हासिल कर चुके हैं।

शबाना आजमी से की दूसरी शादी
जावेद अख्तर ने 1972 में पटकथा लेखिका हनी ईरानी से शादी की थी। लेकिन दोनों की शादी लंबे समय तक नहीं चल पाई और दोनों 1978 में अलग हो गए। हनी और जावेद के दो बच्चे फरहान अख्तर और जोया अख्तर हैं। दोनों ही डायरेक्टर और एक्टर हैं। उन्होंने 1984 में शबाना आजमी से दूसरी शादी की।

Javed Akhtar
Show More